राष्ट्रीय मत्स्य दिवस पर उपायुक्त ने मत्स्य उत्पादकों से किया अपील

उपायुक्त ने मत्स्य मित्रों व मत्स्य पालकों के बीच विभिन्न परिसम्पतियों का किया वितरण

एस.पी.सक्सेना/देवघर (झारखंड)। राष्ट्रीय मत्स्य कृषक दिवस के अवसर पर 10 जुलाई को राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (CM Hemant soren) द्वारा राँची में मत्स्य किसान प्रशिक्षण केन्द्र का नवनिर्मित भवन का उद्घाटन किया गया। जिसमें सूबे के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख भी उपस्थित थें।

इस दौरान मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री द्वारा वीडियो काॅन्फ्रेसिंग के माध्यम से जिले के मत्स्य कृषकों से संवाद कर उनके द्वारा किये जा रहे कार्यों से अवगत हुए। साथ हीं मत्स्य विकास से संबंधित योजनाओं की जानकारी लेते हुए चल रहे योजनाओं का शत प्रतिशत पालन करने का आग्रह किया।

कार्यक्रम को लेकर देवघर जिला मत्स्य कार्यालय परिसर में जिला उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में राष्ट्रीय मत्स्य कृषक दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान उपायुक्त ने जिले विभिन्न प्रखंडो से आये मत्स्य मित्रों, मत्स्य पालकों को संबोधित करते हुए कहा कि आज ही के दिन डॉक्टर हीरालाल चौधरी तथा डॉ के. एच. अलखुनी महान मात्स्यिकी वैज्ञानिकों द्वारा मछलियोें के प्रेरित प्रजनन कार्य में सफलता प्राप्त करने की याद में मनाया जाता है।

वर्तमान में मछलियों के प्रेरित प्रजनन के फलस्वरूप आज अण्ड बीज (स्पाॅन) की उपलब्धता सुनिश्चित हो पायी है। नीली क्रांति में एक महत्वपूर्ण कदम भी इसे माना जाता है। उपायुक्त ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री की प्राथमिकता अनुरूप जिले में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है, ताकि आप सबों को आत्मनिर्भर व सशक्त बनाया जा सके।

कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने मत्स्य कृषकों को मछली पालन, मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में जिले को अग्रणी बनाने का आग्रह करते हुए कहा कि इस वर्ष समय पर बारिस होने के कारण सभी जलकरों में पर्याप्त मात्रा में बीज संचयन करना सुनिश्चित करें, ताकि अधिक से अधिक मछली का उत्पादन जिले में सुनिश्चित किया जा सके। इसी कड़ी में जिले में सिकटिया तथा पुनासी जलाशय में केज विधि से मत्स्य पालन प्रांरभ किया गया है।

जिससे विस्थापित परिवारों को रोजगार के नये साधन उपलब्ध हुए है। वहीं जिले के कुमैठा में रिसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम के द्वारा सघन मत्स्य पालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार व जिला प्रशासन मत्स्य कृषकों के उत्थान हेतु सतत प्रयासरत है, ताकि उन्हें पूर्ण रूप से स्वावलंबी व आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

उपायुक्त ने कहा कि राज्य के किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर फीड उपलब्ध कराया जा रहा है। उपायुक्त ने प्रधानमंत्री मत्स्य संम्पदा योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि सभी के सहयोग और बेहतर कार्यशैली से जिले में नीली क्रांति को शत प्रतिशत सफल बनाया जायेगा।

अलावे कार्यक्रम के पश्चात उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संम्पदा योजना (PMMSY) के लाभुकों को कुल 14 लाख परिसम्पतियों का वितरण किया गया। इसके साथ ही प्रशिक्षित 30 लोगो को स्पाॅन, फिश फीड तथा फ्राई कैंचिंग नेट, 10 केज लाभुकों को पंगेशियस बीज, 4 मत्स्य कृषकों को नाव तथा 7 मत्स्य विक्रेताओं को कटिंग टुल्स का वितरण किया गया।

वहीं 2 मत्स्य कृषकों को तीन चक्का वाहन आईस बाॅक्स के साथ ई-रिक्शा तथा 6 लोगों को मोटर साईकिल आईस बाॅक्स के साथ अनुदान स्वरूप प्रदान किया गया।

जबकि आरएएस के लाभुक को 50 हजार देशी मांगुर के बीज उपलब्ध कराए गये। इस अवसर पर जिला मत्स्य पदाधिकारी प्रशांत कुमार दीपक, विभाग के पदाधिकारी के रूप में मत्स्य प्रसार पदाधिकारी रमेन्द्रनाथ सहाय मत्स्य प्रसार पर्यवेक्षक राकेश कुमार एवं विभिन्न प्रखंडो के मत्स्य कृषक आदि उपस्थित थे।

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