एस. पी. सक्सेना/पटना (बिहार)। कला संस्कृति एवं युवा विभाग एवं बिहार शिक्षा परियोजना परिषद बिहार सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित बिहार दिवस पर पटना के गांधी मैदान में 22 मार्च को लोक पंच की प्रस्तुति नाटक बेटी पढ़कर क्या करेगी का मंचन किया गया।
जिसका लुप्त बिहार दिवस में आए दर्शकों ने जमकर उठाया।
इस नाटक का निर्देशन बिहार के चर्चित एवं वरिष्ठ कलाकार मनीष महिवाल ने किया। लोक पंच द्वारा प्रस्तुत नाटक बेटी पढ़ कर क्या करेगी के कथासार के अनुसार समाज में बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के कारण होने वाले दुष्परिणामों को दर्शाता है। कैसे मां-बाप अपनी बेटियों को पढ़ाने लिखाने के बजाय उनकी शादी विवाह कर अपनी जिम्मेदारियों से पीछा छुड़ाने में लगे रहते है।
प्रस्तुत नाटक मे दिखाया गया कि अगर लड़कियों को सही ढंग से शिक्षा-दीक्षा और मार्गदर्शन मिले तो वह समाज में एक मिसाल कायम कर सकती हैं। उक्त नाटक में बताया गया कि मुनिया जो बच्ची यानी नाबालिक है, वह अपने माता-पिता से अनुरोध करती है कि अभी उसका विवाह न करें तथा पढ़ने, लिखने की इजाजत दें। फिर भी परिवारवालों द्वारा मुनिया को शादी के मंडप पर बैठा दिया जाता है। महिला शिक्षा का सशक्तिकरण नाटक का मुख्य उद्देश्य है।
प्रस्तुत नाटक बेटी पढ़कर क्या करेगी के मंच पर मनीष महिवाल, अरविंद कुमार, राम प्रवेश, कृष्ण देव, सोनल कुमारी, उर्मिला कुमारी, अजित कुमार, रोहित चंद्रवंशी, अभिषेक राज, विवेक ओझा, दीपा दीक्षित ने अभिनय किया। प्रस्तुत नाटक की लेखिका नीरु कुमारी तथा निर्देशक मनीष महिवाल हैं।
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