एस. पी. सक्सेना/बोकारो। इन दिनों बोकारो जिला के हद में सीसीएल कथारा क्षेत्र के जारंगडीह परियोजना कोयला चोरों की गिरफ्त में है। अधिकारियों के लाख कोशिश के बाद भी यहां प्रशासनिक उदासीनता के कारण कोयला चोरी रुकने का नाम नहीं ले रहा है। और तो और कोयला चोरों को स्थानीय अधिकारियों का खौफ तक नहीं है। उल्टे चोर अधिकारियों को धमकाने से बाज नहीं आते हैं।
जानकारी के अनुसार जारंगडीह कांटा, रेलवे साइडिंग आदि क्षेत्रों में रात की बात दूर, दिन दहाड़े सैकड़ों की तादाद में अवैध कोयला चोर बड़े पैमाने पर कोयला चोरी कर साइकिल तथा मोटरसाइकिल में
बोरीयो के माध्यम में भरकर बेखौफ ले जाते देखे जा सकते हैं।
बताया जाता है कि जारंगडीह रेलवे साइडिंग तथा कांटा घरों के समीप कोयला लोड खड़ी टिपिन ट्रको, डंपरों तथा रेलवे वैगन से सुरक्षा गार्ड के मौजूदगी में कोयला चोर कोयला उतार लेते हैं। आपत्ति करने पर उल्टे कोयला चोर द्वारा साइडिंग के कर्मचारियों, अधिकारी व सुरक्षा गार्डों को धमकाया जाता है।
इस संबंध में 3 फरवरी को जारंगडीह के कोलियरी मैनेजर बालगोविंद नायक ने बताया कि वे कोयला चोरों के द्वारा किए जा रहे कारस्तानीयों से परेशान हाल हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा इस मामले में कई बार आग्रह के बाद भी किसी तरह का सहयोग नहीं किए जाने के कारण कोयला चोरों का मनोबल बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि कोयला चोर उन्हें कई बार धमका चुके हैं। यही नहीं बल्कि बीते 2 फरवरी को उनके द्वारा कोयला चोरों को भगायें जाने के क्रम में चोऱो द्वारा उन पर पत्थर बाजी की गई, जिससे वे बाल बाल बच गए। मैनेजर नायक ने कहा कि कोयला चोर का आतंक इस कदर हावी है कि यहां कार्यरत अधिकारी व कर्मचारी काम करने से कतराने लगे हैं।
ऐसे में यह कोलियरी बंदी के कगार पर खड़ी है। नायक ने बोकारो के पुलिस कप्तान प्रियदर्शी आलोक से अपील की है कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए यथाशीघ्र कारगर कदम उठाएं और कोयला चोरों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करें, ताकि भय मुक्त वातावरण में यहां के कर्मचारी व् अधिकारी कोयला उत्पादन कर देश के विकास में सहायक बन सके। इस अवसर पर कोलियरी प्रबंधक नायक के साथ कर्मचारी राम मोहित सिंह, अरुण तिवारी, देवेश कुमार, अंजनी सिंह आदि मौजूद थे।
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