पलायन की भेंट चढ़ा गोमियां का नुनू चंद

प्रहरी संवाददाता/गोमियां (बोकारो)। रोजगार की तलाश में झारखंड से बाहर के राज्यों में गये युवक पलायन की भेंट चढ़ते जा रहे हैं। इसी क्रम में एकबार फिर गोमियां का एक नवयुवक पलायन की भेंट चढ़ गया। उसके मौत से उसके गांव में सन्नाटा पसरा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार गोमियां प्रखंड के हद में लोधी पंचायत के तीसरी गांव रहिवासी पुनीत लाल महतो का छोटा पुत्र नुनू चंद महतो का निधन हो गया। बताया जाता है कि नुनू चंद कुछ माह पूर्व उड़ीसा में उप चालक के तौर पर काम करने के लिए गया था। बीते 23 जून की संध्या 4 बजे उड़ीसा के हरिचंदनपुर में सड़क हादसे में दो गाड़ियों के जबरदस्त टक्कर में उसकी मौत हो गई। शव को एंबुलेंस से उसके गांव तीसरी 24 जून को लाया गया। जहां उसका दाह संस्कार किया गया।

एक अन्य जानकारी के अनुसार उसके बड़े भाई की मृत्यु भी कुछ वर्ष पूर्व हुई थी। इस घटना से माता पिता एवं भाई का रो रोकर बुरा हाल है। आखिर कब तक झारखंड के गांव के युवा पलायन की भेंट चढेगें? रोजगार की तलाश कब तक उनकी जान लेता रहेगा। सरकार से यह सवालिया निशान उठता है कि आखिर कब तक गांव के युवक अपनी जान देते रहेंगे।

मृतक नुनूचंद के परिवार को मिला मुआवजा

जानकारी के अनुसार चतरोचट्टी थाना के हद में तिसरी निवासी नुनूचंद महतो के परिजन को दो लाख का मुआवजा दिलायी गयी। बताया जाता है कि नुनू चंद की मौत के बाद बिना मुआवजा दिये उसका शव एम्बुलेंस से भेज दिया गया। जिससे परिवारजनों ने ग्रामीणों की मदद से उक्त एम्बुलेंस को रोक लिया।

इसकी सूचना प्रवासी मजदूरों के हित में कार्य करनेवाले सिकन्दर अली को दी गयी। सूचना मिलते ही सिकन्दर अली समाजसेवी माही पटेल के साथ तिसरी पहुंचे। जहां ट्रक ऑनर के साथ समझौता करायी गयी। इसके बाद मृतक के माता के बैक खाते में दो लाख रूपए ट्रांसफर करायी गयी।साथ ही साथ इंसोरेंस की राशि के लिए जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में बांड करायी गयी।

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