प्रहरी संवाददाता/जमशेदपुर (झारखंड)। सारंडा वन प्रमंडल के ससंग्दा (किरीबुरु) रेंज अन्तर्गत भनगांव क्षेत्र के जंगलों में पिछले एक माह से हाथी डेरा डाले है। इससे यहां के ग्रामीण रहिवासी परेशान हैं।
इन हाथियों का समूह से एक विशालकाय दंतैल हाथी लगभग प्रतिदिन रात में पास के जंगल से भनगांव आकर रहिवासियों का कृषि उत्पाद व बागवानी को नष्ट कर रहा है। हाथी से ग्रामीणों में भारी भय व्याप्त है। ग्रामीण हाथी के डर से अपने घरों अथवा गांव से निकलकर जरूरी कार्य करने के लिए बाहर अथवा वनोत्पाद लाने जंगल नहीं जा पा रहे हैं। इससे उनके सामने आर्थिक स्थिति उत्पन्न हो गई है।
भनगांव निवासी बसंत नायक व अन्य ग्रामीणों ने बताया कि उक्त जंगली हाथी एक माह से उनके गांव के समीप जंगल में हीं रह रहा है। हाथी अब तक कई रहिवासियों की जान ले चुका है। उन्होंने बताया कि वन विभाग को कई बार जानकारी देने के बाद भी वह हाथी भगाने में मदद नहीं कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि लगभग 10 वर्ष पूर्व हाथी के आतंक से त्रस्त यहां के रहिवासियों ने भनगांव के समीप जंगल में मचान बनाकर एक हाथी की गोली मार हत्या कर उसका दांत काट ले गये थे। अगर वन विभाग का यहीं रवैया रहा तो किसी दिन ग्रामीण त्रस्त होकर उक्त हाथी का भी शिकार कर दें सकते है।
भनगांव के ग्रामीण प्रारम्भ से थोड़ा हिंसक प्रवृत्ति के रहे हैं। एक बार तो आइएफएस के नेतृत्व वाली वन विभाग की पूरी टीम को बंधक बनाकर जमकर पिटाई कर कईयों को अधमरा कर दिया था।
पुलिस व सीआरपीएफ की मदद से कई बंधकों को छुड़ा कर सेल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अगर वन विभाग हाथी को भगाने का कार्य नहीं करती है तो इस बात से इन्कार नहीं किया जा सकता है कि वे हाथी को मारकर दांत न गायब कर दे।
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