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देशव्यापी एकदिवसीय हड़ताल को लेकर ललपनिया में नुक्कड़ सभा

विजय कुमार साव/गोमिया (बोकारो)। आगामी 9 जुलाई को देशव्यापी एकदिवसीय हड़ताल की तैयारी को लेकर 5 जुलाई को बोकारो जिला के हद में ललपनिया में नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया। नेतृत्व वाम नेता व् झारखंड आंदोलनकारी इफ्तिखार महमूद ने की।

जानकारी के अनुसार गोमिया प्रखंड हद में टीटीपीएस ललपनिया में चार नया श्रम कानून के खिलाफ आगामी 9 जुलाई को देशव्यापी एक दिवसीय हड़ताल की तैयारी के क्रम में मजदूरों का नुक्कड़ सभा किया गया। नुक्कड़ सभा में उपस्थित मजदूरों को संबोधित करते हुए ठेकेदार मजदूर यूनियन एटक के महासचिव इफ्तिखार महमूद ने कहा कि श्रम संहिता का नाम देकर मजदूरों को गुलाम बनाने वाली और मालिकों को संरक्षण देने वाला कानून बनाया गया है।

इस नए श्रम कानून में मालिकों को संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नया श्रम कानून में प्रावधान है कि कोई भी नियोक्ता मजदूरों से 12 घंटा से ज्यादा काम नहीं ले सकते हैं। अभी तक 8 घंटा काम लेने का प्रावधान है, इसलिए नियोक्ता 8 घंटा काम लेने के लिए बाध्य है। 8 घंटा से जब अधिक काम लेने की नियोक्ता को पावर मिल जाएगा तो उसके लिए अबतक ओवर टाइम का सुविधा मजदूरों को दिया जाता है, नए कानून में ओवर टाइम की सुविधा समाप्त हो जायेगा।

अब 8 घंटा के बजाय मजदूरों से 12 घंटा काम लेने का नियोजकों को अधिकार दिया जा रहा है। इसमें श्रम विभाग की कोई भूमिका भी नहीं होगी। बताया कि श्रम विभाग की शक्ति अघोषित रूप से नियोजकों को ही दे दिया गया है।
महमूद ने कहा कि नए कानून के मुताबिक मालिक को कभी भी किसी को काम से हटाने, किसी नए कामगार को रखने का पूरा अधिकार है। कहा कि नया श्रम कानून में मजदूरों को ट्रेड यूनियन का अधिकार समाप्त कर दी गई है।

मजदूरों के प्रदर्शन करने, हड़ताल करने पर पूरी तरह रोक है। उन्होंने कहा कि कल सामूहिक सौदेबाजी का नया श्रम कानून में कोई जगह नहीं रखा गया है। अंत में उन्होंने प्रदेश में आयोजित 9 जुलाई की हड़ताल में ललपनिया के मजदूरों को शामिल होने की अपील की।

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