एस. पी. सक्सेना/बोकारो। जय झारखंड मजदूर समाज के बोकारो के सेक्टर नाइन स्थित प्रधान कार्यालय में एक मार्च को कार्यकारिणी की बैठक का आयोजन किया गया। अध्यक्षता यूनियन के महामंत्री बी. के. चौधरी ने की।
उक्त बैठक मे उपस्थित जय झारखंड मजदूर समाज के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने आज से बायोमेट्रिक प्रणाली से इस्पातकर्मियों के हाजरी बनाने का तुगलकी फरमान के लिए प्रबंधन से ज्यादा एनजेसीएस नेताओं के प्रति आक्रोश व्यक्त किया।
बैठक को संबोधित करते हुए यूनियन के महामंत्री बी. के. चौधरी ने कहा कि एनजेसीएस में आज तक जो भी मजदूरों के लिए समझोते हुए हैं, उसपर प्रबंधन ने जैसा चाहा जिस प्रकार चाहा हस्ताक्षर करने का इन नेताओ ने परम्परा बना रखा है।
वह चाहे तो इस्पातकर्मियों का वेज रिविजन हो, बोनस हो या ठेकाकर्मियों का वेतन बढ़ोतरी का बात हो, 25 वर्ष से उपर के आश्रितों का मेडिकल सुविधा से बंचित करने का मामला हो या बोनस के जगह एडवान्स दिलवाने की बात हो।
चौधरी ने कहा कि यह सर्वविदित है कि अगर वर्ष 2015 में जय झारखंड मजदूर समाज के नेतृत्व मे नन एनजेसीएस हड़ताल नही किया होता, तो न तो मजदूरों को बोनस मिलता और न हीं आश्रितों का मेडिकल सुविधा बहाल होता।
कहा कि जिन ठेकाकर्मियों के लिए कम से कम हमलोगों के साथ जनवरी 2017 से एनजेसीएस नेताओं ने ₹ 8000/= वेतन बढ़ोतरी एरियर सहित का मांग था उसपर इन्ही नेताओं ने फरबरी 2024 को बिना एरियर का मात्र 1600/= पर हस्ताक्षर किया। वह भी बिना एरियर और मार्च से भुगतान करने का।
उन्होंने कहा कि जूलाई 2014 के एनजेसीएस समझौता का पृष्ठ क्रमांक-7 पारा 2.9 मे इन्ही नेताओं ने बायोमेट्रिक लागू करने के समझोता पर हस्ताक्षर कर मजदूरों के बीच आज उपरी दिखावा के रूप मे अखबारी विरोध करने का असफल प्रयास कर रहा है, जबकि जय झारखंड मजदूर समाज इस्पातकर्मियों के बायोमेट्रिक का शुरू से विरोध करता रहा है।
आज भी हमारा यूनियन इसका विरोध कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमलोगों ने ठेकाकर्मियों का हाजरी, ईएल, बोनस और पीएफ में हो रहे शोषण से मुक्ति के लिए ठेकाकर्मियों का बायोमेट्रिक से हाजरी बनाने का मांग करता रहा है जो आज भी है।
महामंत्री चौधरी ने इस्पातकर्मियों को साधुवाद देते हुए कहा कि एनजेसीएस द्वारा बायोमेट्रिक सिस्टम लागू करवाने का जो समझौता किया था उसे नकारने का काम किया। यह काबिले तारीफ है।
उन्होंने बीएसएल प्रबंधन को संबोधित करते हुए कहा कि जिन एनजेसीएस को इस्पातकर्मयों एवं ठेकाकर्मियों द्वारा बार बार नकारा जा रहा है, उनको अपने गोद से उताकर जल्द से जल्द 39 महिना का एरियर ठेकेदार मजदूर सहित वर्ष 2017 से एरियर सहित प्रति रात्री ₹300/=करने, ठेकाकर्मियों को ₹1500000/= का ग्रुप इंश्योरेंस इत्यादी 21 सूत्री मागों पर सकारात्मक परिणाम नही आने पर जोरदार आन्दोलन किया जायगा। जिस कारण प्लांट का उत्पादन भी प्रभावित हो सकता है।
बैठक मे मुख्य शंकर कुमार, आर. बी. चौधरी, एन. के. सिंह, अनिल कुमार, एस. के. सिंह, सी. के. मुंडा, यू. सी. कुम्भकार, तुलसी महतो, रामा रवानी, आशिक अंसारी, आई. अहमद, जितेन्द्र कुमार चौधरी, रोशन कुमार, राजेन्द्र प्रसाद, अभिमन्यु माँझी, बी. एन. तिवारी, ओ. पी. चौहान, बी. तेली, दिलीप कुमार, सुभाष चन्द्र महतो आदि उपस्थित थे।
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