Advertisement

जल मग्न हुआ खड़गपुर शहर

रेलवे स्टेशन, भूयारी मार्ग और मकान भी डूबा

संवाददाता/ खड़गपुर (बंगाल)। खड़गपुर (Kharagpur) शहर मे रविवार की देर रात शुरू हुई भयंकर बारिश ने सोमवार सुबह होते -होते शहर को जल मग्न कर दिया। मूसलाधार बारिश के कारण रेलवे स्टेशन, भूयारी मार्ग और पूरा शहर पानी के आगोश में समा गया। कइ इलाको का एक दूसरे से संपर्क टूट गया। खड़गपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक और दो के रेल पटरी पर पानी भरने के कारण रेलवे का परिचालन पूरी तरह ठप हो गया। इतना ही नहीं यात्रियों को प्लेटफॉर्म से बाहर निकलने वाला एक मात्र भूयारी मार्ग भी तालाब का रूप धारण कर चुका था।

गौरतलब है कि जल मग्न हुए खड़गपुर जंक्शन (Kharagpur Junction) से यात्रियों को बाहर निकालने के लिए भूयारी मार्ग की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करना पड़ा। इसके बावजूद यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पडा। वहीं दूसरी तरफ खड़गपुर शहर का सांजवाल, कौशल्यामोड, बुलबुलचाटी, झपेटापुर, ग्वालापाडा, छोटा टेंगरा, झोली सहित कई इलाको मे बारिश का पानी घुसने के कारण लोगो में अफरा तफरी मच गई। शहर की सड़के नदी का रूप धारण कर लिया। पानी के तेज बहाव के कारण खड़गपुर रेलवे स्टेशन सहित शहर के कइ इलाको मे जल निकासी के लिए पंप लगाया गया। ताकि बारिश के पानी को शहर से बाहर निकाला जा सके।

शहर की निकासी व्यवस्था की खुली पोल

उल्लेखनीय है कि पूरा शहर जलमग्न होने के कारण स्थानीय नागरीकों को समय पर सहयता नहीं मिलने के कारण लोगों में रोष व्याप्त है। इतना ही नहीं शहर से जल निकासी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। शहर मे जमे पानी को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है यहां आरोप प्रत्यारोप का दौर चल पड़ा है। स्थानीय रेल प्रशासन और खड़गपुर नगरपालिका एक दूसरे को जिम्मेदार बता रहे हैं।

खड़गपुर नगरपालिका के चैयरमैन प्रदीप सरकार का कहना है कि शहर के कार्य मे रेल प्रशासन बाधा डालती है। नगरपालिका को स्वतंत्र तरीके से उन्यन कार्य करने नही देती। जबकि सच्चाई यह है कि रेल क्षेत्र खड़गपुर नगरपालिका के आठ वार्ड के अधीन हैं। रेल क्षेत्र का पानी नगरपालिका इलाको मे प्रवेश कर जाने से यह समस्या उत्पन हुई है।

हालाकि रेलवे के अधिकारियों ने नगरपालिका की ओर से लगाए गये आरोपों का जवाब देने से कतरा रहे हैं। वहीं शहरवासियो का कहना है कि जब तक शहर मे अवैध निर्माणों का सिलसिला जारी रहेगा। तब तक ऐसे ही हालात बनते रहेंगे।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *