साभार/ लखनऊ। उन्नाव कांड (Unnao case) पर सियासत गरमाती जा रही है। विपक्ष भारतीय जनता पार्टी पर लगातार हमलावर हो रहा है। मंगलवार को कांग्रेस ने इस मामले को लोकसभा में उठाया। उधर, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। यहां उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ को सीधे निशाने पर लिया। अखिलेश ने कहा कि यूपी के सीएम पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उनकी जानकारी में सब हुआ है। वहीं प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) और मायावती (Mayawati) ने भी सरकार पर मिलीभगत होने का आरोप लगाया है। वहीं डेप्युटी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा (Deputy Cm Dr. Dinesh Sharma) भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और घटना पर सफाई दी।
केजीएमयू पहुंचे अखिलेश यादव ने कहा कि घटना ने उत्तर प्रदेश ही नहीं, देश की माताओं बहनों को हिला दिया है। आज के समय भी ऐसा हो रहा है। बेटी न्याय मांगने के लिए जा रही है तो उसे न्याय नहीं मिल रहा है। उसके पिता की हत्या पुलिस की निगरानी में हुई। पुलिस जानती थी। आत्मदाह के लिए लनखऊ आई तब आरोपी जेल भेजे गए। बीजेपी के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर (BJP MLA Kuldip singh sengar) और सरकार पर उंगली उठ रही है।
अखिलेश ने कहा कि वकील और पीड़िता जीवन के लिए लड़ रहे हैं। जीवन बचेगा या नहीं पता नहीं। बीजेपी के लोगों को नहीं भूलना चाहिए की इसी प्रदेश ने उन्हें पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद दिया है। योगी मुख्यमंत्री हैं उनके कार्यकाल में ऐसा हो रहा है। होम मिनिस्टर लखनऊ में मौजूद थे, तब यह घटना हुई। योगी के कार्यकाल में यह हो रहा है… कौन जिम्मेदार है? सरकार और पुलिस जिम्मेदार है। यूपी के जेलों में क्या हो रहा है सब जानते हैं। जेल में हत्या हो गई। अपराधी क्या नहीं कर रहे हैं।
वहीं कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने भी बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। प्रियंका ने ट्वीट किया, ‘हम क्यों कुलदीप सेंगर जैसे लोगों के हाथ में सत्ता की ताकत और संरक्षण देते हैं और क्यों पीड़ितों को अकेले लड़ने के लिए छोड़ देते हैं?’ प्रियंका ने यह भी मांग की कि अभी भी देर नहीं हुई है। भगवान के खातिर पीएम नरेंद्र मोदी को इस अपराधी और उसके भाई को सत्ता से बाहर कर देना चाहिए।
बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने बीजेपी पर हमला साधते हुए ट्वीट किया कि उन्नाव गैंगरेप पीड़िता के परिवार वालों की संदिग्ध हत्या के बाद उनके अंतिम संस्कार के लिए चाचा को परोल पर रिहा नहीं होने देना अति-अमानवीय है। यह यूपी सरकार की इस कांड में मिलीभगत को साबित करता है। परोल की मांग को लेकर रिश्तेदार मेडिकल कॉलेज में धरने पर बैठे है, सरकार तुरंत ध्यान दे।
उन्होंने एक दूसरा ट्वीट करके लिखा कि स्थानीय बीजेपी सांसद साक्षी महाराज द्वारा जेल में रेप आरोपी बीजेपी विधायक से मिलना यह प्रमाणित करता है कि गैंगरेप आरोपियों को लगातार सत्ताधारी बीजेपी का संरक्षण मिल रहा है, जो इंसाफ का गला घोटने जैसा है। सुप्रीम कोर्ट को इसका संज्ञान अवश्य लेना चाहिए।
पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे डेप्युटी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि जिन धाराओं में पीड़ित परिवार चाहता था उन धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पीड़िता के चाचा इस सरकार से पहले के मामले में जेल हैं। इलाज का खर्चा सरकार उठा रही है। पीड़ित पक्ष के संदर्भ में कहा गया है, जिससे ऐक्सिडेंट हुआ वह एक दल विशेष का रिश्तेदार है, उसकी जांच की जा रही है। वहीं विधायक पर कार्रवाई करने के मामले में डेप्युटी सीएम ने कहा कि कुलदीप सिंह सेंगर को पार्टी से पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय का घेराव करने सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ता पहुंचे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया और इसके लिए बल का प्रयोग करना पड़ा। रोके जाने पर भी जब कांग्रेस कार्यकर्ता नहीं रुके तो उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
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