साभार/ नई दिल्ली। पंजाब नैशनल बैंक के साथ 12 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के लोन फ्रॉड केस की जांच का दायरा अब दूसरे बैंकों की तरफ भी बढ़ता दिख रहा है। इस मामले में गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) ने अब ICICI बैंक की चंदा कोचर और एक्सिस बैंक की शिखा शर्मा को पूछताछ के लिए तलब किया है। ये दोनों ही टॉप बैंक अधिकारी उस कंसोर्टियम की सदस्य थीं, जिन्होंने नीरव मोदी के मामा मेहुल चोकसी की कंपनी गीतांजली ग्रुप के लिए 3280 करोड़ रुपये के बैंक लोन की मंजूरी दी थी।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, SFIO ने 10 दिन पहले चंदा कोचर और शिखा शर्मा को समन भेजा था। चंदा कोचर को आज पेश होना था, हालांकि उन्होंने कुछ निजी कारणों का हवाला देते हुए पेशी के लिए 10 दिनों का वक्त मांगा है। देश के इतिहास में हुए इस सबसे बड़े बैंक लोन फ्रॉड केस में CBI ने भी मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए गीतांजलि ग्रुप के वाइस प्रेजिडेंट (ऑपरेशंस) विपुल चैतालिया को मुंबई एयरपोर्ट से हिरासत में लिया है। सीबीआई के एक अधिकारी ने बताया, ‘विपुल चितालिया से पूछताछ की जा रही है।’ उन्होंने कहा कि चितालिया के बैंकॉक से लौटने के बाद सीबीआई उसे मुंबई हवाईअड्डे से ही पूछताछ के लिए लेकर चली गई।
बता दें कि हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी पर पीएनबी के साथ 12,700 करोड़ रुपये के लोन फ्रॉड का आरोप है। इसी घोटाले में अतिरिक्त 1,300 करोड़ रुपये की गड़बड़ी का 26 फरवरी को खुलासा हुआ था। सीबीआई ने 14 फरवरी को नीरव मोदी, उनकी पत्नी एमी, भाई निशाल मोदी, मेहुल चोकसी और उनकी कंपनियों डायमंड आर यूएस, सोलर एक्सपोर्ट्स और स्टेलार डायमंड के खिलाफ पहली एफआईआर दर्ज की थी। मोदी, उनका परिवार और चोकसी जनवरी के पहले सप्ताह में ही देश छोड़कर फरार हो गए थे। सीबीआई ने चोकसी के गीतांजलि समूह के खिलाफ 4,886.72 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी को लेकर 15 फरवरी को दूसरी एफआईआर दर्ज की थी।
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