नई दिल्ली। देश के अगले राष्ट्रपति के लिए चल रही वोटिंग खत्म हो गयी है। देश के सबसे बड़े चुनाव के लिए मुकाबला एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद और यूपीए की उम्मीदवार मीरा कुमार के बीच है। वोटों की गिनती 20 जुलाई को दिल्ली में होगी, जहां सभी बैलेट बॉक्स लाए जाएंगे। देश के प्रथम नागरीक के पद पर कौन बैठेगा इसका फैसला 20 जुलाई को होगा।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 24 जुलाई को खत्म हो जाएगा। राष्ट्रपति पद के लिए आज हुए मतदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मतदान किया।प्रधानमंत्री ने संसद भवन में स्थित मतदान केंद्र में मतदान किया।
पीएम के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी प्रमुख हैं। अमित शाह गुजरात के अहमदाबाद क्षेत्र के नारनपुरा सीट से विधायक हैं। राष्ट्रपति चुनाव में मतदान करने वाले अन्य प्रमुख लोगों में भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार, बसपा प्रमुख मायावती शामिल हैं। अभिनेता एवं सांसद परेश रावल एवं हेमा मालिनी ने भी आज सुबह मतदान किया।
इससे पहले बिहार के पूर्व राज्यपाल रामनाथ कोविंद और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने समर्थन जुटाने के मकसद से राज्यों के दौरे किए। इस चुनाव में दिलचस्प बात यह है कि बिहार में महागठबंधन में साथ जेडीयू और आरजेडी ने अलग-अलग उम्मीदवारों को वोट करने का फैसला किया है।
जेडीयू जहां बिहार के राज्यपाल रहे रामनाथ कोविंद का समर्थन कर रही है वहीं आरजेडी ने मीरा कुमार के समर्थन का फ़ैसला किया है। समाजवादी पार्टी भी इस मामले में बंटी नज़र आ रही है। समाजवादी पार्टी सांसद विपक्ष के साझा उम्मीदवार के समर्थन वाली बैठक में तो मौजूद थे लेकिन कुछ दिन पहले शिवपाल यादव ने साफ कर दिया कि उनका वोट रामनाथ कोविंद को जाएगा।
राष्ट्रपति चुनाव में कुल 4896 वोटर हैं, जिसमें 776 सांसद हैं जबकि 4120 विधायक हैं।खास बात यह है कि इस बार मध्यप्रदेश के बीजेपी विधायक नरोत्तम मिश्रा को आयोग्य ठहराए जाने की वजह से अब कुल वोट 4895 ही रह गया है। राष्ट्रपति चुनाव में कुल पड़ने वाले वोटों की संख्या दस लाख 98 हज़ार 903 है। एनडीए प्रत्याशी रामनाथ कोविंद को 63 फीसदी वोट मिलने की उम्मीद है।
रामनाथ कोविंद
दलित नेता हैं रामनाथ कोविंद
बीजेपी दलित मोर्चा के अध्यक्ष रहे
अखिल भारतीय कोली समाज के भी अध्यक्ष रहे
कानपुर की डेरापुर तहसील से आते हैं
दो बार राज्यसभा के सांसद रहे
बिहार के पूर्व राज्यपाल
मीरा कुमार
पूर्व उपप्रधानमंत्री जगजीवन राम की बेटी
भारतीय विदेश सेवा में अफ़सर रहीं
1985 में पहली बार यूपी के बिजनौर से सांसद
चुनाव में रामविलास पासवान, मायावती को हराया
पांच बार लोकसभा की सांसद रहीं
मनमोहन सरकार में महिला-बाल कल्याण मंत्री
2009 से 2014 के बीच लोकसभा स्पीकर
लोकसभा स्पीकर बनने वाली पहली महिला
राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए योग्यता
भारतीय नागरिक हो
उम्र 35 साल से ज़्यादा हो
लोकसभा सदस्य बनने के योग्य
किसी लाभ के पद पर न हो
करीब 50 सांसदों-विधायकों को समर्थन हो
कौन चुनता है राष्ट्रपति…?
सांसद, विधायक हिस्सा लेते हैं
अभी 776 सांसद, 4120 विधायक हैं वोटर
मध्य प्रदेश के विधायक नरोत्तम मिश्रा अयोग्य- नहीं कर पाएंगे वोट
ऐसे में इस बार सांसद-विधायक मिलाकर 4,895 वोटर
सांसदों के वोट का मूल्यांकन
कुल सांसद – 776
लोकसभा – 543
राज्यसभा – 233
देश के विधायकों के मूल्य को कुल सांसदों की संख्या से भाग दिया जाता है इससे एक सांसद का वोट मूल्य आता है जो इस समय 708 है
अब एक सांसद के वोट मूल्य को सांसदों की संख्या से गुणा करने पर कुछ सांसदों का वोट मूल्य निकलता है
इस समय सांसदों का वोट मूल्य 5,49,408 है
अब सांसदों और विधायकों का वोट मूल्य जोड़ा जाता है (5,49,495+5,49,408= 10,98,903)
चुनाव जीतने के लिए 5,49,442 वोट चाहिए
कैसे होती है वोटों की गिनती…?
सांसदों को वोटिंग के लिए हरा और विधायकों को गुलाबी मतपत्र दिया जाता है
मतपत्र में सांसद और विधायक राष्ट्रपति को क्रम के अनुसार चुनते हैं
अगर तीन राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार हों
इसमें सांसद-विधायक तीन पर अपना क्रम डालते हैं… 1, 2, 3
अब देखा जाता है कि कौन सबसे ज़्यादा पहली पसंद है
जो पसंद में तीसरे नंबर पर होता है उसे बाहर कर दिया जाता है
तीसरे नंबर पर रहने वाले के वोट को पहले और दूसरे उम्मीदवारों में बांट दिया जाता है
जिसे 51 फ़ीसदी मत मिलते हैं उसकी जीत होती है
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