पटना। बिहार में शराबबंदी के दौरान पकडे गए लगभग 9 लाख लीटर में से अधिकांश शराब गायब बताया जा रहा है। जबकि पुलिस मालखाने में रखी करीब 9 लाख लीटर से अधिक शराब के चूहों द्वारा गटक जाने का मामला प्रकाश में आया है। बिहार पुलिस मुख्यालय ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
गौरतलब है कि पटना के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मनु महाराज ने चूहों द्वारा शराब गटक जाने के दावे की जांच की, इसके तहत वे औचक जांच के लिए पुलिस लाइन पहुंचे तो पुलिसवाले ही शराब पीते मिले। इस मामले में पुलिस टीम ने बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन के अध्यक्ष निर्मल सिंह और एक अन्य सदस्य शमशेर सिंह को पुलिस लाइन में शराब पीते गिरफ्तार किया है। दोनों को उत्पाद विभाग के विशेष न्यायाधीश रविंद्र नाथ त्रिपाठी के समक्ष पेश किया गया और उन्हें नए मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम 2016 के तहत आगामी 18 मई तक के लिए न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेजा गया।
अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) एसके सिंघल ने बताया कि पटना क्षेत्र के पुलिस महानिदेशक को मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस मुख्यालय द्वारा आगे की कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक पिछले 13 महीने में 9.15 लाख लीटर अल्कोहल, देशी और विदेशी शराब जब्त की गई और पुलिस क्राईम मीटिंग के दौरान यह बात सामने आई कि इसमें से एक बड़ा हिस्सा पुलिस थाने लाने के क्रम में बर्बाद हो गया, जबकि उतनी ही बड़ी मात्रा को चूहे पुलिस मालखाना में गटक गए।
मालूम हो कि नीतीश सरकार ने गत वर्ष अप्रैल महीने से बिहार में पूर्णशराबबंदी लागू की थी और इसे लागू करने के लिए पुलिस एवं मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया गया है।
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