नई दिल्ली। गर्मी से बेहाल देशवासियों के लिए अच्छी खबर है। दक्षिण पश्चिमी मॉनसून ने मंगलवार को केरल और नॉर्थ ईस्ट में दस्तक दे दी। केरल तट के अलावा मणिपुर और अरुणाचल में मॉनसून की पहली फुहारें पड़ीं। आमतौर पर केरल में मॉनसून के पहुंचने के कुछ दिनों बाद नॉर्थ ईस्ट में बारिश शुरू होती है। हालांकि, इस बार चक्रवाती तूफान मोरा की वजह से नॉर्थईस्ट में मॉनसून जल्दी पहुंच गया। मौसम विभाग ने कहा है कि केरल के अलावा लक्षद्वीप, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु के कुछ हिस्सों और पूर्वोत्तर राज्यों के अधिकांश हिस्सों में भी मॉनसून अगले 24 घंटों में दस्तक दे सकता है।
मौसम विभाग के दिल्ली कार्यालय के अनुसार, आमतौर पर जून के पहले हफ्ते में केरल में मॉनसून दस्तक देता है। आईएमडी के अधिकारी एम. महापात्रा ने कहा, ‘केरल के लिए इसके पहले का अनुमान पांच जून था।’हालांकि, केरल में मॉनसून पहुंचने की सामान्य तिथि पहली जून है। केरल में मॉनसून के पहुंचने से पहले ही सोमवार को राज्य में जोरदार बारिश हुई। दक्षिण पश्चिम मॉनसून की दस्तक इस बात का संकेत है कि बारिश का मौसम शुरू हो गया है।
इस बीच, बंगाल की खाड़ी पर बने चक्रवाती तूफान मोरा कोलकाता के दक्षिण-दक्षिण पूर्व 660 किलोमीटर पर स्थित था और मंगलवार को वह बांग्लादेश का चटगांव पार कर जाएगा। मौसम विभाग ने अंडमान द्वीप समूह और पश्चिम बंगाल तट से लगे इलाकों में मंगलवार को मौसम खराब रहने का अनुमान जाहिर किया है।
इसके अलावा, पश्चिम बंगाल और अंडमान-निकोबार द्वीप के मछुआरों को चेतावनी दी गई है कि वे मछली पकड़ने समुद्र में न जाएं। बता दें कि मॉनसून भारत में आम तौर पर सबसे पहले केरल में 1 जून तक पहुंचता है। इस बात की भी पूरी संभावना है कि इस बार मॉनसून की वजह से जून के पहले हफ्ते में कर्नाटक और महाराष्ट्र समेत पश्चिमी तट और दक्षिणी प्रायद्वीप में बेहतर बारिश होगी।
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