प्रहरी संवाददाता/ मुंबई। द भारत को-ऑप बैंक (मुंबई) लिमिटेड के संचालक मंडल के खिलाफ राष्ट्रीय भीम सेना व भारतीय जनहित कांग्रेस पार्टी ने संयुक्त रूप से मोर्चा खोल दिया है। बैंक के संचालक मंडल को बदने की मांग को लेकर दोनों दलों के अध्यक्ष व उनके सहयोगियों सहित इस बैंक के खाताधारक भी आमरण अनशन में चेंबूर के शिवाजी चौक स्थित पांजरापोल पर बैठ गए हैं।
बताया जाता है कि करीब चार दशकों से संचालित इस भारत बैंक ने 43 अवॉर्ड भी जीते हैं। सालाना लगभग डेढ़ हजार करोड़ का कारोबार करने वाली द भारत को-ऑप बैंक के मौजूदा संचालक मंडल संदेह के घेरे में हैं। आमरण अनशन पर बैठे राष्ट्रीय भीम सेना के अध्यक्ष रवि पांडेयन ने बताया कि मौजूदा संचालक मंडल के कार्यो से घोटाला की बू आती है।
इस लिहाज से संचालक मंडल की जांच होनी चाहिए तथा आरोप सिद्ध होने पर उन्हें को-ऑप बैंक के नियमों के अनुसार निलंबित करने के साथ-साथ सख्त कार्रवाई भी होनी चाहिए। पांडेयन ने बाताया की इस बैंक में खाता धारकों को कोई तरजीह नहीं दी जाती। वहीं कुछ खाता धारकों का कहना है कि मौजूदा संचालक मंडल के सदस्य इस बैंक को अपने पूवर्जो की जागीर समझते हैं।
एक सवाल के जवाब में करीब दर्जन भर लोगों ने एक सुर में कहा की मौजूदा संचलक मंडल को नहीं बदला गया तो हम अपना खाता बंद करा देंगें, साथ ही संचालक मंडल के साथ हमारी जंग जारी रहेगी। यहां लोग संचालक मंडल हटाओ, बैंक को बचाओ का नारा लगा रहे थे।
गौरतलब है कि करीब 85 शाखाओं वाले मल्टी स्टेट शेडूल द भारत को-ऑप बैंक (मुंबई) लिमिटेड की मुंबई और महाराष्ट्र में 63 शाखाएं हैं। इसके अलावा 18 शाखा कर्नाटक व 3 शाखाएं गुजरात में हैं। इस तरह 1978 से संचालित इस बैंक की कुल 85 शाखाएं है।
लेकिन मौजूदा बैंक के संचालकों ने इसे खिचड़ी बना कर रखा है। राष्ट्रीय भीम सेना के अध्यक्ष का कहना है कि इस बैंक के संचालकों की गहराई से जांच की जाए तो इनके काले कारनामें सामने आएंगे। आमरण अनशन में बड़ी संख्या में महिलाएं व पुरूष मौजूद थे।
850 total views, 1 views today