स्टेशनों पर क्लीन-अप मार्शल तैनात के प्रस्ताव
प्रहरी संवाददाता/मुंबई। मनपा की तर्ज पर अब मध्य रेलवे के स्टेशनों पर भी क्लीन-अप मार्शल तैनात करने के लिए विभाग द्वारा रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेजा गया है। अगर इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई तो आने वाले दिनों में मध्य रेलवे के सभी स्टेशन सवंर सकते हैं।
मौजूदा व्यवस्था के मुताबिक केवल स्टेशन मास्टर या टिकट चेकिंग स्टाफ ही गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के पास भी ऐसे मामलों पर कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है।
हाल ही में मध्य रेलवे डिविजनल रेलवे मैनेजर रविंदर गोयल ने बोर्ड से विशेष स्टाफ की मांग की है। इसके लिए उन्होंने पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि कानून में बदलाव कर गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्राइवेट लोगों को आउटसोर्स करने की अनुमति दी जाए, उन्हें पेनल्टी करने की भी छूट दी जाए।
यात्रियों को लगता है कि स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए यह अच्छा कदम हो सकता है। स्टेशन मास्टर ऑपरेटिंग कार्यों में व्यस्त रहते हैं, जबकि टीसी स्टाफ को अनधिकृत यात्रियों पर नजर रखनी होती है। ऐसे में यह कदम बदलाव की तरफ पहला कदम हो सकता है।
एक स्टेशन मास्टर के अनुसार, ‘मुंबई उपनगरीय नेटवर्क व्यस्ततम सिस्टम है, जहां दिनभर में लाखों लोगों की आवाजाही होती हैं। हमारी जिम्मेदारी है सिस्टम को बिना बाधा के चलाना। अच्छा होगा यदि गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए दूसरों को जिम्मेदारी सौंपी जाए। उन्होंने कहा की बुधवार को देशभर के स्टेशनों पर स्वच्छता के प्रदर्शन लिस्ट जारी की गई थी।
इसमें मुंबई के सभी उपनगरीय या टर्मिनस स्टेशनों का प्रदर्शन निम्न स्तर का रहा है। खास तौर से मध्य रेलवे के उपनगरीय स्टेशनों का प्रदर्शन लचर रहा है। कई स्टेशनों पर स्वच्छता के प्रदर्शन में 2016 के मुकाबले गिरावट आई है। एक यात्री ने सहमति जताते हुए बताया कि प्रशासन स्वच्छता के लिए जरूर आवश्यक कदम उठाए लेकिन स्टेशन परिसरों से हॉकर्स को भी हटाया जाना चाहिए।
प्लेटफॉर्म पर शौचालय की गंध से लोगों को परेशानी होती है, इस पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। गौरतलब है कि एनजीओ की मदद से मुंबई के कई स्टेशनों का सौंदर्यीकरण किया गया। लेकिन एक सप्ताह में ही यात्रियों ने पीक थूककर दीवारों का रूप रंग ही बदल दिया।
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