मुंबई। पश्चिम रेलवे ने जनवरी में बिना टिकट/ अनियमित टिकट पर यात्रा करने वालों के विरुद्ध सघन अभियान चलाया। इसके परिणामस्वरूप बिना बुक किये गये सामान के प्रकरणों सहित बिना टिकट यात्रा/अनियमित यात्रा के लगभग 1 लाख 92 हजार मामले पकड़े गये। इन मामलों में 7.86 करोड़ रु. जुर्माने स्वरूप प्राप्त किये गये, जो पिछले वर्ष की आलोच्य अवधि से 19.83 प्रतिशत अधिक हैं।
इसके अतिरिक्त 1147 भिखारियों तथा अनधिकृत फेरीवालों को रेल परिसर से बाहर कर जुर्माना वसूल किया गया तथा 85 व्यक्तियों को जेल भेजा गया। परे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी रविंद्र भाकर के अनुसार जनवरी के दौरान, दलालों तथा असामाजिक तत्वों के विरुद्ध पश्चिम रेलवे द्वारा 237 जांच आयोजित की गईं।
इनके परिणामस्वरूप 220 व्यक्तियों को पकड़ा गया तथा रेल अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा चलाकर उनसे जुर्माना प्राप्त किया गया। जनवरी, 2018 के दौरान, सुरक्षिणी दस्ते द्वारा 12 वर्ष से अधिक उम्र के 87 स्कूली बच्चों को उपनगरीय ट्रेनों के महिला डिब्बों में सफ़र करते हुए पाया गया, जिन्हें वहां से हटाया गया।
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