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बिजली बिल बढ़ने से मुंबई में बवाल

मुंबई। अरबपति गौतम अदानी ने बिजली आपूर्ति के कारोबार में कदम रखा तो लोगों में तरह-तरह की बातें होने लगीं। बिजली उपभोक्ताओं ने अदानी इलेक्ट्रिसिटी पर अक्टूबर महीने का बिजली बिल बहुत बढ़ा-चढ़ाकर भेजने का आरोप लगाया। यहां तक कि कांग्रेस पार्टी ने भी कंपनी पर निशाना साधा। हालांकि, कंपनी का कहना है कि उसे गलत नीयत से हो रहे दुष्प्रचार का सामना करना पड़ रहा है। अदानी इलेक्ट्रिसिटी ने कहा कि महाराष्ट्र इलेक्ट्रिसिटी रेग्युलेटरी कमिशन ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए टैरिफ बढ़ाने का आदेश दिया, इसलिए बिजली बिल में वृद्धि हुई है। कंपनी का दावा है कि अक्टूबर महीने में बिजली की खपत भी 18% बढ़ गई।

यानी, लोगों ने ज्यादा बिजली खर्च की, इसलिए भी उनका बिल बढ़ा है। दरअसल, मुंबई में अदानी इलेक्ट्रिसिटी सर्कल के कुछ निवासियों ने कहा कि अक्टूबर में उनका बिजली बिल बढ़कर आया है। इस पर मुंबई कांग्रेस चीफ संजय निरूपम ने कंपनी पर उपभोक्ताओं को लूटने का आरोप लगाया। पार्टी ने पूरे शहर में बैनर और होर्डिंग लगाकर बिजली दरें 50% बढ़ाने और मीटर रीडिंग में गड़बड़ी का दावा किया। अदानी ने कहा कि एक वरिष्ठ राजनीतिक नेता ने विभिन्न मंचों से ‘लूट’ जैसे गैर-जिम्मेदाराना शब्दों का इस्तेमाल करते हुए अदानी इलेक्ट्रिसिटी के बिजली बिल को लेकर अनुचित धारणा बनाई।

दरअसल, देश में बिजली आपूर्ति का कारोबार सरकारी नियमों के तहत होता है और बिजली क्षेत्र की नियामकीय संस्था कुछ निश्चित एवं वक्त-वक्त पर बदलने वाली लागत के आधार पर बिजली दरें तय करती है। 12 सितंबर के जारी आदेश में एमईआरसी ने महाराष्ट्र की बिजली आपूर्ति कंपनियों के लिए टैरिफ बढ़ाने को स्वीकृति दी थी।

राज्य में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग एवं महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के अलावा निजी क्षेत्र की टाटा पावर कंपनी और रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर का एनर्जी बिजनेस भी बिजली आपूर्ति के कारोबार में है। रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर का एनर्जी बिजनेस ही अब अदानी इलेक्ट्रिसिटी हो गया है। अदानी इलेक्ट्रिसिटी ने मुंबई में बिजली बिल तैयार करने की शुरुआत सितंबर महीने से की थी। इसने रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर से मुंबई में बिजली आपूर्ति के कारोबार का अधिग्रहण किया था। उसे यहां काम करते हुए पहले दो महीनों में कठिनाई का सामना करना पड़ा।

 


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