बेस्ट प्रशासन मौन, बीमारियों का खतरा बढ़ा
मुंबई। चीता कैंप के बेस्ट बस स्टॉप पर के सामने पुलिस द्वारा पकड़े गए वाहनों को खड़ा करने के कारण यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। वहीं दूसरी तरफ इसका लाभ लेते हुए स्थानीय लोगों ने यहां चाय की दुकान खोल दी है। टूटे -फूटे वाहनों में बरसाती पानी जाने के कारण इन वाहनों में मच्छरों व बरसाती कीटाणुओं का बसेरा बन गया है। जो कि बरसाती बीमारियों का संकेत है।
गौरतलब है कि चीता कैंप के बेस्ट बस स्टॉप नंबर 11064 के साथ कंपनी ने एक और बोर्ड लगाया है, जिस पर साफ तौर पर नो पार्किंग लिखा है। इसके अलावा उक्त बोर्ड पर संकेत दिया गया है की यहां से 15 मीटर के दायरे में दोनों तरफ वाहनों को खड़ा करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद ट्राम्बे पुलिस द्वारा पकड़ी गई दर्जनों टूटी-फूटी वाहनों को यहां रखा गया है। जो कि मौसमी बीमारियों का दाता है। इससे माना जा रहा है की बेस्ट के नियमों की ट्राम्बे पुलिस द्वारा खुलेआम धज्ज्यिां उड़ाई जा रही है।
बता दें कि इस बस स्टैंड से 21, 355, 399, 352, 360, 364, 380, 663 और सी-21 नंबरों की बसे मुंबई के विभिन्न इलाकों में जाती और आती हैं। इस बस स्टैंड पर आने जाने वाली बसों के अलावा एक और भी बोर्ड बेस्ट द्वारा लगाया गया है। उक्त बोर्ड पर साफ तौर से लिखा गया है कि रूल 5 A SEC.22 (1) C.B.C.P. ACT के तहत कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है। इसके बावजूद ट्रांबे पुलिस द्वारा पकड़ी गई करीब दर्जन भर वाहनों को इसी बस स्टैंड के सामने कई महीनों से रखा गया है।
बताया जाता है कि हल ही में मनपा द्वारा स्वच्छता अभियान चलाया गया था। उक्त अभियान में कई तरह की सावधानियां बरतने की हिदायत दी गई थी। इस अभियान में मनपा के अधिकारियों ने मुंबईकरों को जागरूक करते हुए कहा था कि वाहनों में बरसाती पानी जमा होने से मच्छरों के अलावा मौसमी कीटाणुओं का बसेरा बन जाता है। इससे डेंगू, मलेरिया चिकेन गुनिया जैसे बीमारियों का खतरा होता है।
इसके लिए मनपा द्वारा नुक्कड़ नाटक अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करने की कोशिश की गई थी। अभियान में कहा गया था कि पुराने टायर, घर में एसी, टूटी- फूटी वाहन और लंबे समय से खड़ी वाहनों के पास जमा बरसात का पानी बेहद खतरनाक है, इससे परहेज करना चाहिए। इस कड़ी में दिलचस्प बात यह है कि बेस्ट प्रशासन द्वारा बनाए गए नियमों का पालन खुद बेस्ट के अधिकारी नहीं करते, अन्यथा इन वाहनों को यहां खड़ी नहीं करने देते।
सूत्रों की माने तो बेस्ट के अधिकारी पुलिस कर्मियों के डर से उन्हें कुछ भी नहीं बोलते, जिसका फायदा पुलिस वाले उठा रहे हैं। एक समाजसेवक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा की चीता कैंप के बेस्ट बस स्टॉप नंबर 11064 से के सामने खड़ी वाहनों को पुलिस वालों ने खड़ा किया है। जिसके कारण कोई नहीं बोलता, अगर यहां कोई दूसरा आदमी गाड़ी खड़ा करता तो बेस्ट के अधिकारी व पुलिस वाले उस पर कर्रवाई जरूर करते।
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