मुंबई। चेंबूर के समाज सेवक एवं उत्तर भारतीयों के रहबर ठाकुर सकलदेव सिंह की हृदयगति रूकने के कारण 23 अगस्त 2018 की देर रात मौत हो गई। गोवंडी के शंकरा कालोनी में रहने वाले 64 वर्षीय ठाकुर का स्वस्थ्य 22 अगस्त की रात बिगड़ी और बिगड़ती चली गई अतः 23 अगरत 12:05 मिनट पर उनकी मौत हो गई। कांग्रेस के सिपाही ठाकुर अपने पीछे पत्नी और 2 बेटों का भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनकी श्रद्धांजली सभा में कांग्रेसी नेता, सदिच्छा मित्र मंडल के सदस्यों के अलावा चेंबूर के कई गणमान्य मौजूद थे।
चेंबूर में उत्तर भारतीय समाज के रहबर व कट्टर कांग्रेसी ठाकुर सकलदेव सिंह के बारे में बताया जाता है कि क्षेत्र में दबे कुचले लोगों की सहायता किया करते थे। उन्होंने पिछले दशकों में समाज के साथ- साथ चेंबूर के व्यापारियों की मदद करते रहे हैं। स्व. सिंह ने स्थानीय लोगों के सहयोग से सदिच्छा मित्र मंडल का गठन किया था, उक्त मंडल द्वारा सामाजिक कार्यों के अलावा गणेशोत्सव मनाया जाता है। 23 अगस्त को उनकी मौत के बाद श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
इस सभा में चेंबूर के समाजसेवी एवं शिक्षाविद् अवध नारायण शुक्ला ने कहा कि ठाकुर सकलदेव सिंह ने अपना अधिकांश समय समाज सेवा में लगा दिया। स्व. सिंह अपने राजनीतिक जीवन कि शुरूआत कांग्रेस पार्टी से किया और अत्यंत निष्ठा पूर्वक अपने जीवनकाल के अंतिम क्षण तक गुरूदास कामत के साथ ही रहे। इस अवसर पर 2 मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
उनकी श्रद्धांजली सभा में स्वामी अंजनी नंदन दासजी माहाराज, पूर्व सांसद एकनाथ गायकवाड, अवधनारायण शुक्ला, आरपीआई मुंबई अध्यक्ष गौतम सोनावणे, पूर्व मंत्री चंद्रकांत हंडोरे, विधायक प्रकाश फातर्पेकर, मुंबई कांग्रेस सचिव लक्ष्मण कोठारी, पूर्व नगरसेवक बुलेट पाटील के अलावा बड़ी संख्या में उनसे जुड़े गणमान्य मौजूद थे। वहीं सदिच्छा मित्र मंडल के सचिव रमेश जाधव, संस्थापक सहदेव तलवटकर, कोषाध्यक्ष काशीनाथ दाभाडे, सह सचिव अनिल कांबले, नंदकुमार माने, अनिरुद्ध रामराजे साहेब, उपाध्यक्ष रामआसरे गुप्ता, ठाकुर मतिबर सिंह, ठाकुर नरसिंह बहादुर सिंह, महेंद्र सिंह, संजय सिंह, दिपनारायण (मुन्ना) राजेश सिंह, वीरेंद्र सिंह (बब्लू), हिमांशू आदि मौजूद थे।
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