नेहरूनगर पुलिस की सक्रियता
मुश्ताक खान/ मुंबई। नेहरूनगर पुलिस ने ठक्कर बप्पा कॉलोनी से लापता आठ साल की रूंजुन मनसुक सिंगाडिया को आम जनता की मदद से महज आठ घंटों में ढूंढ लिया है। रूंजुन के लापता होने की शिकायत सवा दो बजे उसके परिजनों ने दी थी और करीब आठ बजे रात को उसे सही सलामत बरामद कर लिया गया। रूंजुन की तलाश में नेहरूनगर पुलिस ने अपने सारे विंग्स को एक्टिवेट कर दिया था।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ठक्कर बप्पा कालोनी के मनपा स्कूल के तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली रूंजुन के पिता मनसुक सिंगाडिया ने करीब सवा दो बजे अपनी आठ साल की बच्ची के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। उक्त शिकायत में कहा गया था कि रूंजुन करीब 10:30 बजे ठक्कर बप्पा कॉलोनी के इंदिरानगर भाग दो के गल्ली नंबर 34 से खेलने के लिए निकली, लेकिन 12 बजे तक अपने घर नहीं लौटी। उसके घर नहीं लौटने से उसकी मां परेशान हो गई।
क्योंकि रूंजुन अपने घर के आस-पास ही खेला करती थी। वक़्त तेजी से बीत रहा था। रूंजुन के लापता होने कि खबर इंदिरानगर सहित पूरे ठक्कर बप्पा कालोनी में फैल गई। इसके बाद रूंजुन के परिवार वालों के साथ-साथ आस-पास के लोग भी उसकी तलाश में जुट गए। लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। बच्ची के लापता होने की शिकायत के बाद पुलिस उपनिरिक्षक पूर्णिमा हंडे ने वरिष्ठ अधिकारी संजय काले के निर्देश पर एफआईआर भी दर्ज कर लिया। पुलिस ने इस मामले को काफी गंभीरता से लेते हुए रूंजु की तलाश में अपने पूरे तंत्र को लगा दिया। वहीं नेहरूनगर पुलिस सीसीटीवी के फुटेज खंगालने में जुट गई।
गौरतलब है कि चर्मउद्योग नगरी के नाम से प्रसिद्ध कुर्ला पूर्व के ठक्कर बप्पा कॉलोनी में लगे सभी सीसीटीवी, गटर व अन्य संभावित स्थानों पर रूंजुन की तलाश की जा रही थी। यह बात बुधवार 23 मई 2018 की है। नेहरूनगर पुलिस थाने में ड्यूटी पर तैनात सहायक पुलिस निरीक्षक मधुकर धुत्तराज भी इस मामले को लेकर काफी चौकन्ने थे। नेहरूनगर के वरिष्ठ अधिकारी संजय काले के मार्गदर्शन में इस ऑपरेशन को चलाया जा रहा था। इस ऑपरेशन में विशेष रूप से पूर्णिमा हंडे, पुलिस उपनिरिक्षक पांडुरंग जाधव, पुलिस नाईक अरूण लक्ष्मण डोंगरे और कैलाश गुलाब चव्हाण को लगाया गया था।
बताया जाता है कि खोज-बीन के दौरान स्थानीय नागरीक नुर मोहम्मद खुर्शीद सैय्यद नामक युवक उस बच्ची को लेकर आ रहा था। पुलिस ने इन सभी को नेहरूनगर पुलिस स्टेशन में लाकर पुछताछ की, तो पता चला की रूंजुन मनसुक सिंगाडिया (8) खेलते -खेलते ठक्कर बप्पा कॉलोनी रूंजुन इंदिरानगर की गल्ली नंबर 34 से भटक कर तिलक नगर पुलिस की हद में जा पहुंची। वहां से उसे आने का कोई रास्ता समझ में नहीं आ रहा था। इस दौरान उसकी मुलाकात नूर मोहम्मद से हो गई।
नूर मोहम्मद ने रूंजुन से उसका पता या मोबाईन नंबर जानने की कोशिश की, लेकिन उसे कुछ भी याद नहीं था। पुलिसिया जांच रूंजुन बाद विभिन्न समाजसेवकों की मौजुदगी में रूंजुन को उसके पिता के हवाले कर दिया गया। नेहरूनगर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी संजय काले ने रूंजुन के पिता व स्थानीय लोगों को हिदायत दी कि हर कोई अपने बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ उन्हें अपना पता और मोबाईल नंबर जरूर याद करा दें। ताकि ऐसे हालात में कोई भी बच्चे की मदद कर सके।
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