अब होगी बराबर की राजनीति
संवाददाता/ मुंबई। कहते हैं कि मुहब्बत और जंग में सब जायज है, कुछ ऐसा ही राजनीति में भी होता है। भाजपा की राह पर चल पड़े शिवसेना ने ईट का जवाब पत्थर देने का नया फार्मूला तैयार किया है। कयास लगाया जा रहा है कि इस फार्मूले में हार्दिक पटेल, कन्हैया कुमार जैसे निडर युवा नेताओं को जोड़ा जाएगा। चूंकि अब तक भाजपा की राजनीति में ऐसा ही होता आ रहा है।
गौरतलब है कि नोटबंदी और जीएसटी के बाद सरकार के खिलाफ जोड़-तोड़ में जुटी शिवसेना अब गुजरात के बड़े उद्योगपतियों और बिजनस लीडर्स को अपना टारगेट करने का मन बना रही है। इससे माना जा रहा है कि शिवसेना ने अपनी नई सामाजिक और धर्म से जुड़ी शाखाओं में गुजराती और मारवाड़ियों को प्रमुख पदों पर बैठा रही है। ताकि गुजरात के लोगों को लुभाया जा सके। बता दें कि यह समुदाय हमेशा भाजपा का आधार रहा है।
शिवसेना के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि यह समुदाय भले ही भाजपा का आधार रहा हो लेकिन सरकार की कार्यशैली समुदाय के लोगों को कभी पसंद नहीं आई। इनके पास कोई विकल्प नहीं है, वरना यह लोग भी भाजपा के खिलाफ खड़े होना चाहते हैं। नई शाखा का खाका लगभग तैयार है। इसमें गुजराती और मारवाड़ी लोगों के अलावा हाल ही में मनपा चुनावों के बाद शिवसेना के लोगों को भी प्रमुख पद दिए गए हैं।
वरिष्ठ नेता की मानें तो यह नई शाखा कोई यूनियन न होकर सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक समुदाय है और इसमें ट्रेडर्स असोसिएशन, बिजनस फोरम, एनजीओ, कम्युनिटी ट्रस्ट, मंदिर ट्रस्ट और धार्मिक संगठन भी शामिल होंगे। शिवसेना का कहना है कि सेना ने इन लोगों के साथ इनके लिए काम किया है और यह शाखा 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए काम करेगी।
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