मुश्ताक खान/ मुंबई। प्राचीन परंपराओं के अनुसार वसंत पंचमी के पावन अवसर पर चेंबूर में विद्या की देवी मां विद्यादायिनी की भव्य पूजा अर्चना की गई। इस आयोजन में मुंबई और बिहार के कलाकारों ने मां सरस्वती की अमृतमयी वाणियों कि संगीतमय प्रस्तुती की। बिहारी एकता मंच द्वारा आयोजित इस पूजा में कलाकारों ने अपनी संगीतमयी प्रस्तुती से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार बिहारी एकता मंच द्वारा चेंबूर कैंप के एमएस बिल्डिंग स्थित शीतला माता मंदिर में मां विद्यादायिनी की पूजा की गई। करीब डेढ़ दशक पूर्व इस मंच के संस्थापक ओम् प्रकाश मिश्रा ने किया था। मौजूदा मंच के अध्यक्ष कौशल कुमार मिश्रा ने बताया कि 10 फरवरी को विधिवत रूप से पूजा की गई व 11 फरवरी को यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में मुंबई के बोरीवली से श्रुति झा और बिहार की प्रसिद्ध गायिका रानी झा ने मां सरस्वती की अमृतमयी वाणियों की संगीतमयी प्रस्तुति कर श्रोता और श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
बताया जाता है कि दोनों गायिकाएं बिहार के मिथिलांचल की रहने वाली हैं। इस लिहाज से दोनों ने अपनी अमृतमयी संगीतों को कुछ इस अंदाज में पेश की कि भीड़ घटने के बजाय बढ़ती ही गई। अध्यक्ष कौशल मिश्रा के अनुरोध पर रानी झा ने कई भक्ति मैथिली गीतों से श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। रानी झा के गीतों की गूंज से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। हर साल की तरह इस वर्ष भी बिहारी एकता मंच द्वारा महाप्रसाद व दोनों दिन भंडारा का आयोजन किया गया।
यहां के भंडारा में आठ से दस हजार लोगों को शुद्ध भोजन कराया गया। मैथिली भाषियों के इस आयोजन में स्थानीय विधायक, सांसद और लगभग सभी दल के समाजसेवकों ने माता का दर्शन किया व आशीर्वाद ली। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अध्यक्ष के अलावा नारायण झा, विजय मिश्रा, शंभू ठाकुर विश्वनाथ झा और अशोक ठाकुर आदि ने अहम भूमिका निभाई।
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