मुंबई। महाराष्ट्र के कई इलाकों में भारी बारिश और बाढ़ ने जमकर कहर मचाया। इस कुदरती आपदा में करीब 30 लोगों की मौत हो चुकी है। 2.03 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राज्य में आई बाढ़ को लेकर सामाजिक और धार्मिक संस्थान आगे आ रही हैं।
बाढ़ पीड़ितों की मदद को लेकर खाद्य सामग्री, कपड़े, दवाइयां और आर्थिक मदद जुटाई जा रही हैं। ऐसे में शिरडी के श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्ट (एसएसटी) ने महाराष्ट्र के विभिन्न भागों में बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए राहत के तौर पर 10 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आह्वान किया है। बता दें कि पश्चिमी महाराष्ट्र के सांगली और कोल्हापुर जिले एवं सतारा के कई हिस्से पिछले पांच दिनों से बाढ़ की चपेट में हैं। भारी बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण नदियां उफान पर आ गईं हैं और ये क्षेत्र जलमग्न हो गए हैं।
पुणे और सोलापुर जिले के कई हिस्से भी प्रभावित हुए हैं। इस क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में फंसे हजारों लोगों को एनडीआरएफ, सेना, पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने बचाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। एसएसटी के अध्यक्ष सुरेश हवारे ने शनिवार को कहा, ‘एसएसटी ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में दस करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया है।’
कुर्ला के मनराज प्रतिष्ठान ने भी बाढ़ पीड़ितों की मदद करने का संकल्प लेकर दिनभर राहत सामग्री जुटाई। प्रतिष्ठान के अध्यक्ष मनोज नाथानी ने कहा कि वे बाढ़ पीड़ितों के मुश्किल क्षणों में साथ हैं। उनके लिए हरसंभव मदद जुटाने के लिए मुंबईकरों से मदद ले रहे हैं। सभी राहत सामग्री जल्द ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में भेजी जाएगी।
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