मुंबई। बहन, बेटियों कि इज्जत, सम्मान और हक कि लड़ाई में उतरी राष्ट्रीय मूलनिवासी महिला संघ द्वारा कुर्ला पूर्व स्थित स्टेशन के पास जोरदार धरना प्रदर्शन किया गया। मंगलवार की सुबह से शाम तक चले धरना में प्रदर्शनकारियों ने सरकार के सामने कई कड़वे सच को रखा है। नारी के सम्मान की लड़ाई में महिलाओं के साथ अब पुरूष भी उतर चुके हैं। इस लड़ाई को जारी रखने व अपनी मांगों के सर्मथन में संघ द्वारा राष्ट्रपति के नाम 2 मई को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
गौरतलब है कि आज नारी के सम्मान में उतरी राष्ट्रीय मूलनिवासी महिला संघ (आर एम एम एस) की मुंबई अध्यक्ष सुरेखा जाधव ने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों के करीब 550 जिलों में शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। 2 मई को देश के हर जिले से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न सामाजिक संगठन हमारे साथ जुड़ते जा रहे हैं। यह इस बात का सबूत है कि देशवासी हिंसा नहीं चाहते बल्कि सभी अमन पसंद हैं।
वहीं भारत मुक्ति मोर्चा (बीएमएम) के मुंबई प्रदेश अध्यक्ष विशाल धीवरे ने कहा कि देश को बांटने वालों को कभी बक्शा नहीं जाएगा। प्रदर्शनकारी युवतियां व महिलाओं ने कहा की सरकार कि दोगली नीतियों के कारण नारियों पर अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा बेटी बचाओ -बेटी पढ़ाओं का नारा दिया जाता है। वहीं दूसरी तरफ बेटियों को कुचला जा रहा है। आरएमएमएस के विक्रम सोनावणे ने कहा कि मौजूदा सरकार द्वारा देश को बांटने की राजनीति की जा रही है, जो कभी कामयाब नहीं होगा। धरना में अनिल कुमार माने, जोश्ना सोनावने, डॉ. जन्नत जिलाई, नीता जाधव, जया शेलारे आदि शामिल हैं।
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