मुंबई। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के कार्यकर्ताओं द्वारा ठाणे, वसई, विरार और मालाड सहित अन्य रेलवे स्टेशनों पर फेरीवालों के साथ की गई मारपीट के बाद उनका धंधा एकदम ठप हो गया है। मनपा प्रशासन की तानाशाही रवैए के कारण अब फेरीवाले भूखमरी के कगार पर हैं। फेरीवालों पर हुए अत्याचार के खिलाफ भारतीय जनहित कांग्रेस पार्टी और राष्ट्रीय भीमसेना (आरबीएस) ने आवाज बुलंद किया है। इसके तहत 17 नवंबर को वाशीनाका स्थित फ्री वे के नीचे आंदोलन करने का फैसला संयुक्त रूप से लिया गया है।
भारतीय जनहित कांग्रेस पार्टी (बीजेसीपी) की राष्ट्रीय अध्यक्षा शबाना आर पांडियन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मुंबई मजदूरों, मेहनतकश और श्रमिकों की है, न कि किसी के बाप की बपौती है। मजदूरों की बात हो या फेरीवालों की उन्हें न्याय दिलाने के लिए बीजेसीपी हमेशा संघर्ष करती रहेगी। इस कड़ी में महत्वपूर्ण बात यह है कि गरीब फेरीवालों पर पिछले दिनों जैसे ही मनसे के कार्यकर्ताओं द्वारा अत्याचार करना शुरू किया गया तो हमारी पार्टी द्वारा तत्काल ही फेरीवालों पर हुए अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई गई, जबकि प्रमुख राष्ट्रीय दलों का अता पता नहीं था।
बीजेसीपी की ओर से फेरीवालों के पक्ष में पांच सूत्रीय मांगे शासन-प्रशासन के समक्ष रखी गई हैं। जिसमें रेलवे स्थानक के समीप फेरीवाला जोन बनाकर जगह उपलब्ध करवाई जाए। जगह उपलब्ध न करवा पाने की स्थिति में फेरीवालों को प्रतिमाह दस हजार रुपए बेरोजगारी भत्ता दिए जाएं। फेरीवालों को न्याय दिलाने के लिए आगामी 17 नवंबर को शाम छह बजे चेंबूर के वाशीनाका स्थित फ्री वे के नीचे आंदोलन किया जाएगा।
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