मुंबई। केंद्र सरकार द्वारा गठित हज समिति ने शनिवार को नई पॉलिसी केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री मुख्तार नकवी को सौंपा। इसमें सब्सिडी खत्म करने, बिना मेहरम के 45 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को हज पर जाने की अनुमति जैसे कई मुद्दे हैं। नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक विभाग के अधिकारी नई नीति में दिए गए सुझावों पर गंभीरता से विचार करेंगे। इसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। अगले साल नई नीति के तहत ही हज यात्रा होगी।
मुंबई के हज हाउस में आयोजित कार्यक्रम में समिति ने केंद्रीय मंत्री को ‘हज नीति 2018-22’ सौंपा। इस समिति में अफजल अमानुल्लाह, पूर्व न्यायाधीश एस एस पारकर, कैसर शमीम, कमाल फारुकी, संयुक्त सचिव जे. आलम सदस्य हैं। समिति के संयोजक अफजल अमानुल्लाह ने नई हज नीति की मुख्य बिंदुओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि नई हज नीति को उच्चतम न्यायालय के निर्देशों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
इसमें कम खर्चे में हज यात्रा, यात्रियों की सुरक्षा, सभी राज्यों के मुसलमानों को हज यात्रा का लाभ मिले, इसका विशेष ध्यान रखा गया है। जनसंख्या के मुताबिक भारत के कोटे से 1 लाख 70 हजार लोग हज कर सकते हैं। प्रस्तावित नई नीति के मुताबिक हज समिति और निजी टूर आपरेटर बीच अगले पांच साल के लिए 70 :30 के अनुपात में कोटा का वितरण होगा।
मेहरम के लिए कोटा 200 से बढ़ाकर 500 किया जाएगा। यात्रा की खर्च को कम करने के लिए हज यात्रियों के प्रस्थान की संख्या 21 से घटाकर नौ किया जाएगा। जो यात्री हज समिति के कोटे से जाएगा, दिल्ली, लखनऊ, कोलकाता, अहमदाबाद, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु और कोच्चि से लोग हज के लिए प्रस्थान करना होगा। आवेदकों की आरक्षित श्रेणी को हटा दिया गया है। पहले 70 साल से अधिक और चार बार आवेदन करने के बाद जिन्हें हज यात्रा का अवसर नहीं मिलता, उन्हें अगली बार आरक्षण के तहत हज यात्रा का अवसर दिया जाता था।
45 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को बिना मेहरम के चार या इससे अधिक के समूह में हज जाने की अनुमति होगी। इस अवसर पर अल्पसंख्यक कार्य विभाग के सचिव अमेयसिंग लुइखम, भारतीय हज समिति के अध्यक्ष चौधरी महबूब अली कैसर, सऊदी अरब में भारत के राजदूत अहमद जावेद, सुहैल लोखंडवाला, हज समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. एम ए खान मौजूद थे।
मेहरम पर मुस्लिम में नाराजगी
प्रस्तावित नई हज नीति में मेहरम को लेकर कार्यक्रम में ही मतभेद नजर आया। जिस समय प्रस्तावित नई नीति की मुख्य बिंदु को बताई जा रही थी, उसी समय कार्यक्रम में पीछे बैठे व्यक्ति ने नाराजगी जताई। साथ ही कार्यक्रम की समापन पर लोग मेहरम को लेकर बातें करते नजर आए। कुछ मुस्लिमों ने कहा कि जो बिंदु उचित नहीं लग रहा है, उसके लिए अल्पसंख्यक मंत्रालय को पत्र लिखा जाएगा।
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