4 साल के बच्चे से किया था अनैतिक संबंध
संवाददाता/ मुंबई। पोस्को (Posco) के एक मामले में मुंबई की विशोष सत्र न्यायालय ने आरोपी को 10 साल की सजा व 9 हजार रूपये जुर्माना देने का आदेशा दिया है। बताया जाता है कि पहली बार महज दो साल में पोस्को मामले मे किसी अरोपी को सजा हुई है। यह मामला चेंबूर (Chembur) के आरसीएफ पुलिस स्टेशन (RCF Police station) की हद में स्थित भारत नगर (Bharat Nagar) झोपड़पट्टी का है।
गौरतलब है कि वर्ष 2017 में महज चार साल के मासूम बच्चे को 27 वर्षीय दीपक हरिश्चंद्र शिगवन ने बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया और उसके साथ अनैतिक संबंध बनाया। इस घटना के बाद मासूम रोते हुए अपने घर आया और आप बीती अपने परिजनों को बताया। वाशीनाका (Vashinaka) स्थित भारतनगर की झोपड़पट्टियों में रहने वाले इस परीवार ने आरसीएफ पुलिस स्टेशन में तबके के मुखिया श्रीकांत देसाई से इस घटना की जानकारी दी। देसाई ने इस मामले को गंभीरता से लिया और इस मामले की जिम्मेदारी पुलिस निरिक्षक अन्ना पवार को सौंपी।
पवार ने तत्काल दिपक हरिश्चंद्र शिगवन को गिरफ्तार कर आईपीसी की धारा 377, 506 और पोस्को के तहत दर्ज कर आरोपी को अदालत में पेशा किया। यह वाकया वर्ष 2017 के अंत का है। इस मामले को कुर्ला कोर्ट ने कमिट कर सेशन कोर्ट में भेज दिया। 2017 के पोस्को मामले में 9 दिसंबर को विशोष सत्र न्यायालय में सुनवाई हुई। यहां अदालत ने आरोपी दीपक शिगवन को 10 साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा अदालत ने 9 हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया है।
अदालत के फैसले के बाद आरोपी दीपक शिगवन फफक-फफक कर रोने लगा। हालांकि दीपक शिगवन के वकील ने उसे बचाने के लिए हर संभव कोशिश की, लेकिन उसकी एक न चली। वहीं उसके परिजन अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाने का फैसला किया है। दीपक के दस साल की सजा को हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात सामने आई है। दीपक को सजा होनेकी बात वाशीनाका परीसर में आग की तरह फैल गई है। बताया जाता है की पोस्को मामले में महज दो साल में कम ही फैसले आते हैं।
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