मुंबई। उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को राज्य और केंद्र की बीजेपी सरकारों के कामकाज और नीतियों की पर जमकर बरसे। शिवसेना के पार्टी प्रमुख ने एक तरफ फडणवीस की सरकार को अनुपयोगी बताया, तो वहीं सीमा पर चल रहे घटनाक्रम को लेकर मोदी सरकार पर ताना कसा कि पहले देश बचाओ, अगर देश बचेगा तो गाय बचेगी।
पिछले दिनों दिल्ली में एनडीए की बैठक होने के बाद से उद्धव ठाकरे ने बीजेपी के खिलाफ कुछ नहीं कहा था। इससे ऐसा अनुमान लगाया जा रहा था कि दोनों पार्टियों के बीच सुलह हो गई है। लेकिन किसानों की कर्ज माफी के मुद्दे पर विपक्ष के तानों को झेल रहे उद्धव ठाकरे की नाराजगी और सरकार द्वारा किसानों की कर्ज मुक्ति की मांग न माने जाने से उद्धव काफी नाराज नजर आये।
उद्धव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार आई और आते ही यूपी के किसानों का कर्ज माफ हो गया, लेकिन हमारे यहां अनुपयोगी सरकार है। हम लंबे समय से किसानों की कर्ज मुक्ति की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने किसानों की कर्ज मुक्ति पर अब तक कोई फैसला न लेकर अपनी अनुपयोगिता साबित कर दी है। उन्होंने कहा बीजेपी के नेता अपनी पार्टी को मजबूत करने का सपना देख रहे हैं, लेकिन उससे पहले उन्हें देश को मजबूत करना चाहिए।
मोदी सरकार पर तंज कसते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि चुनाव से पहले ‘चाय पर चर्चा’ चुनाव के बाद ‘गाय पर चर्चा’, लेकिन जब देश बचेगा तभी तो गाय बचेगी।
बीजेपी की पिछले दिनों हुई प्रदेश कोर कमिटी की बैठक में मध्यावधि चुनाव कराने की खबरों के मद्देनजर उद्धव ठाकरे ने बीजेपी को खुली चुनौती दी कि अगर मध्यावधि चुनाव कराने हैं, तो कल तक का इंतजार क्यों? बीजेपी चाहे तो आज ही मध्यावधि चुनाव करा ले।
ईवीएम मशीनों में धांधली के बारे में उद्धव ने व्यंग्यात्मक लहजे में बीजेपी पर वार किया। उन्होंने कहा कि मैं ईवीएम मशीन को दोष नहीं दूंगा, परंतु मेरी आपत्ति सिर्फ इतनी है कि ईवीएम में मेरा वोट किसको गया यह मुझे मालूम नहीं पड़ता। लोकतंत्र से मिला यह अधिकार इस ईवीएम मशीन ने छीन लिया है।
ताजा घटनाक्रम को आधार बनाकर उद्धव ठाकरे ने कहा कि एक सर्जिकल स्ट्राइक से पाकिस्तान नहीं सुधारेगा। सरकार को चाहिए कि वह पाकिस्तान में घुसकर पाकिस्तान के टुकड़े कर दे, इस मुद्दे पर शिवसेना हमेशा सरकार के साथ है।
शिवसेना के टिकट पर जिला परिषद और पंचायत समितियों में चुने गए जनप्रतिनिधियों के लिए आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में उद्धव ठाकरे ने अपने लोगों को नसीहत दी कि वे वोटरों के प्रति हमेशा विनम्र बने रहें। वोटरों को यह नहीं लगना चाहिए कि चुनाव के वक्त और चुनाव के बाद व्यवहार में अंतर नहीं दिखना चाहिए।
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