भ्रष्टाचार का संकेत है ओएमसी की नई गाईड लाईन


मुंबई। मौजूदा मोदी सरकार भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए अपने सारे तंत्र व दल-बल का प्रयोग कर रही है। ताकि देश में चल रहे भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंके, वहीं भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय की हरी झंडी के बाद ओएमसी द्वारा एक फरमान जारी किया गया है, जो कि भ्रष्टाचार को बल देने वाला है। उक्त फरमान में कहा गया है कि किसी भी एलपीजी डीलर्स की जानकारी या शिकायत करने वाले को पहले पांच हजार का डिमांड ड्राफ्ट जमा करना होगा।
गौरतलब है कि इस फरमान के आने के बाद एलपीजी के डीलरों द्वारा विभिन्न प्रकार का भ्रष्टाचार किया जा रहा है। ओएमसी (ऑयल मार्केटिंग कंपनी) के इस फरमान ने भ्रष्टाचार करने वाले एलपीजी के डीलरों को सेफ जोन में पहुंचा दिया है। बता दे कि हाल ही में मुंबई, ठाणे और पूरे महाराष्ट्र में कई रसोई गैस (एलपीजी) डीलरों की नियुक्ति की गई है। इस नियुक्ति में बड़े पौमाने पर भ्रष्टाचार की खबर आ रही है। इसके लिए ठाणे के जिलाधिकारी कार्यालय में लकी ड्रॉ के माध्यम से नये डीलरों का चयन किया गया।
चयनकर्ताओं में ठाणे के जिलाधिकारी, एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओएल के वरिष्ठ अधिकरियों के अलावा बड़ी संख्या में एलपीजी डीलर्सशिप लेने वाले नये व पुराने इच्छुक लोग मौजूद थे। सूत्रों की माने तो मुंबई-ठाणे के लकी ड्रॉ में भी हेराफेरी किया गया था। जिसके कारण चुनिंदा नाम बार-बार आ रहे थे। इससे लोगों की शंकाओं को बल मिला और इच्छुक लोगों ने हो हल्ला मचाया तो लकी ड्रॉ के सिस्टम में फेरबदल किया गया था। इसके अलावा ठाणे के लकी ड्रॉ में इच्छुक लोग ओएमसी के नियमों को ताक पर रखकर अपनी किसमत आजमा रहे थे।




सूत्र बताते हैं कि संयुक्त नियमानुसार लकी ड्रॉ में अनिवार्य दस्तावेजों का होना बेहद जरूरी होता है। इन दस्तावेजों में एजुकेशनल सर्टिफिकेट, कार्यालय का पता और गोदाम आदि दिखाना बेहद अनिवार्य होता है। ओएमसी के अंर्तगत एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओएल चल रही है। बहरहाल जिन लोगों को लकी ड्रॉ में जीत मिली उनका काम चल रहा है। कहीं ऐसा तो नहीं की ओएमसी की नई गाईड लाईन भ्रष्ट डीलरों को बचाने के लिए बनाया गया है। चूंकि इस गाईड लाईन में कहा गया है कि शिकायतकर्ता को प्रति शिकायत पहले पांच हजार का डिमांड ड्राफ्ट जमा करना होगा। इस बेहद बाद जांच और फिर फैसला होगा।

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