मुंबई। चलती ट्रेनों में शॉपिंग की सुविधा देकर कुछ पैसा कमाने के लिए रेलवे ने योजना तैयार की है। इसे जल्दी ही पश्चिम रेलवे की 16 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में लागू किया जाएगा। मेसर्स एचबीएन प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी को 5 वर्ष की अवधि के लिए 3.66 करोड़ रुपये में यह कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है।
योजना के मुताबिक, ट्रेन में 1 फुट X 3 फुट X 3 फुट की अधिकतम डायमेंशन वाले शॉपिंग कॉर्ट सहित दो सेल्समेन रहेंगे। ये सेल्समेन कंपनी आईडी के साथ यूनिफॉर्म में रहेंगे। यात्री केवल कैश ही नहीं, क्रेडिट और डेबिट कार्ड के जरिए भी शॉपिंग कर सकेंगे। यह सुविधा जनवरी 2019 के पहले सप्ताह में शुरू की जाएगी। पहले चरण में तीन ट्रेनों से शुरुआत होगी, इनमें से मुंबई-अहमदाबाद शताब्दी एक्सप्रेस का नाम तय हो चुका है।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी रविंद्र भाकर के अनुसार, ‘ट्रेन में यात्रियों को सौंदर्य, होम और किचन अप्लायंस और अन्य फिटनेस के सामान इत्यादि एफएमसीजी गुड्स को बेचने की अनुमति होगी।’ इन वेंडर्स को किसी भी प्रकार के खाद्य पदार्थ, तंबाकू, सिगरेट और गुटखा इत्यादि ऐसे उत्पादों को बेचने की अनुमति नहीं है, जो रेलवे या राज्य सरकार द्वारा प्रतिबंधित हैं। यात्रियों को देखने और सामानों की डिमांड के लिए कैटलॉग वितरित किया जाएगा।
रेलवे के मुताबिक, सेल्समेन को सुबह 8.00 बजे से रात के 9.00 बजे तक निर्धारित अवधि में ही सामान बेचने की अनुमति है, जिससे यात्रियों को असुविधा न हो। 16 मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में से इस योजना के लिए ट्रेनों का आवंटन 8 चरणों में किया जायेगा, यानी प्रति चरण/तिमाही दो ट्रेनों में यह योजना शुरू की जायेगी। लाइसेंसी फीस तिमाही आधार पर ली जाएगी।
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