मुंबई। पश्चिम रेलवे में सुरक्षा को लेकर हमेशा नए प्रयोग होते रहे हैं। इस मुंबई डिविजन में लोकल से सफर करने वाले तकरीबन 35 लाख यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक और मोबाइल ऐप लॉन्च करने की योजना बनाई गई है। पहले से ‘आय वॉच’ नाम से एक ऐप मौजूद, लेकिन इसमें कई बदलाव की जरूरत महसूस हुई है। इसी के चलते अब ‘रेल सुरक्षा’ नाम से नया मोबाइल ऐप डिवेलप किया गया है।
मुंबई उपनगरीय रेलवे दुनिया के सबसे घनत्व वाली परिवहन व्यवस्था है। रोजाना छोटे-मोटे देश जितनी आबादी यहां की ट्रेनों में सफर करती हैं। ऐसे में रेलवे की ओर से पर्याप्त सुरक्षाकर्मी लगाने के बावजूद व्यवस्था में कमी रह जाती है। मुंबई लोकल को पहले भी आतंकी निशाना बना चुके हैं, जिसके बाद से ही सुरक्षा के लिए नई-नई तकनीक प्रयोग की जा रही है। इंटिग्रेटेड सिक्युरिटी सिस्टम, मॉर्डन हेल्पलाइन के बाद अब मोबाइल ऐप विकसित किया गया है, जिसमें एक ही टच में सारी जानकारियां रियल टाइम कंट्रोल रूम तक पहुंचाई जा सकती हैं।
अभी इस ऐप को रेलवे सुरक्षा बल की सहायता के लिए विकसित किया गया है। आरपीएफ द्वारा चोरी या छीना-झपटी के केस को ट्रैक करने के लिए सभी पुराने रेकॉर्ड ऐप में दर्ज रहेंगे। स्टेशन की पूरी जानकारी, आरपीएफ का ड्यूटी मैनेजमेंट और यात्रियों द्वारा दर्ज शिकायतों का स्टेटस ऐप की सहायता से आरपीएफ के अधिकारी देख सकेंगे। इस ऐप को पुणे की एक कंपनी ने विकसित किया है। इससे पहले ‘आय वॉच’ ऐप को आरपीएफ के कंट्रोल रूम से जोड़ा जाना था, लेकिन तकनीकी कारणों से संभव नहीं हुआ जिसके चलते अब नया ऐप विकसित किया गया है। पश्चिम रेलवे के मुख्य सुरक्षा अधिकारी एके सिंह ने बताया कि अभी इस ऐप की विभाग में ही जांच चल रही है। यह आरपीएफ द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है। इस ऐप में कुछ नए फीचर्स दिए गए हैं, जिससे क्राइम डिटेक्ट करने में मदद मिलेगी।
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