मुंबई। मुंबई में बेस्ट (बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिसिटी सप्लाइ ऐंड ट्रांसपॉर्ट) कर्मचारियों की एक हफ्ते से ज्यादा अरसे से चल रही हड़ताल आखिरकार खत्म हो गई है। बेस्ट कर्मचारी यूनियन इस संबंध में बॉम्बे हाई कोर्ट के दखल देने के बाद हड़ताल वापस लेने पर राजी हो गई है। बता दें कि पिछले 9 दिन से बेस्ट के करीब 30 हजार कर्मचारी हड़ताल पर थे। हड़ताल की वजह से मुंबई के करीब 28 लाख लोगों को काफी मुश्किल झेलनी पड़ रही थी।
हाई कोर्ट ने बेस्ट की मांगों को देखने के लिए एक रिटायर्ड जस्टिस को नियुक्त करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही इन्क्रिमेंट के लिए एक दस सूत्रीय सुझाव दिया है। हाई कोर्ट के कदम पर बेस्ट कर्मचारी यूनियन ने सहमति जताई है। इसके साथ ही बेस्ट की हड़ताल खत्म होने का रास्ता साफ हो गया है।
बेस्ट की सबसे अहम मांग बृहन्मुंबई महानगरपालिका (मनपा) के बजट में बेस्ट को शामिल करने की थी। जिससे नुकसान में चल रही बेस्ट सेवा का घाटा बीएमसी के कोष से पूरा किया जा सके। बीएमसी में सत्ताधारी शिवसेना इसके लिए तैयार नहीं थी। हालांकि, महाराष्ट्र सरकार बेस्ट का बजट बीएमसी में जोड़ने के लिए तैयार है। बेस्ट कर्मचारी संगठन आर्थिक सुधारों का भी विरोध कर रहे हैं।
बेस्ट की खस्ता हालत को सुधारने के लिए आर्थिक सुधारों की पैरवी की जा रही है। इसी क्रम में प्राइवेट ठेकेदार से बसें लेकर उसे रास्तों पर चलवाने का इरादा है। कर्मचारी यूनियन इसे निजीकरण बताकर इसका विरोध कर रहे हैं। जूनियर ग्रेड के कर्मचारियों की पदोन्नति दूसरा अहम मुद्दा है। इसके लिए भी प्रशासन राजी नहीं है। इसके अलावा बोनस पेमेंट, पूर्व स्टाफ के लिए ग्रैच्युटी, स्टाफ क्वॉर्टर और जूनियर स्टाफ के लिए ग्रेडेशन जैसी अन्य मांगों के लिए प्रपोजल बनाने की भी मांग थी।
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