जिंदगी और मौत की जंग में हारी शाइस्ता

इलाज के दौरान तोड़ा दम

मुश्ताक खान/ मुंबई। 20 जून मंगलवार की दोपहर चेंबूर कैंप के झामामल चौक पर बेस्ट बस हादसे में बुरी तरह घायल हुई शाइस्ता ने इलाज के दौरान 7 जुलाई को सायन हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया। हालांकि बेस्ट बस क्रमांक 351 के चपेट में तीन स्कूली बच्चे आए थे। इनमें दो को मामूली चोटें आई थी। लेकिन बस की चपेट में आई 6 साल की मासूम शाइस्ता के पेट पर बस का पहिया चढ़ जाने से उसकी अतड़ी व हड्डियां बुरी तरह टूट गई थी।

उल्लेखनीय है कि करीब 17 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझती 6 साल की शाइस्ता नोमान अंसारी 7 जुलाई 2017 को हार गई और उसने इसी दिन करीब दस बजे रात में दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से घायल शाइस्ता को बचाने के लिए सायन हॉस्पिटल के अनुभवी चिकित्सकों ने कोई कसर नहीं छोड़ी लेकिन उसे बचाने में नाकाम रहे। 8 जुलाई को शाइस्ता का पोस्टमार्टम हुआ और उसी दिन उसके घर वाले उसका शव लेकर झारखंड के लिए ट्रेन से रवाना हो गए।

मिली जानकारी के अनुसार झारखंड हजारीबाग रोड स्थित रजा नगर, हरकटवा के मूल निवासी नोमान अंसारी पेशे से जेसीबी ऑपरेटर हैं। उनका हंसता खेलता परिवार शाइस्ता की मौत से सदमें में है। नोमान अंसारी के तीन बच्चे थे, इनमें सबसे बड़ी शाइस्ता थी जो अब नहीं रही, उससे छोटे उसके दो भाई हैं। नोमान का परिवार मुंबई के चेंबूर स्थित पांजरापोल में रहता था।

शाइस्ता के वकील गणेशन शेट्टी आर से मिली जानकारी के अनुसार वाशीनाका के टाटा पावर से मुंबई सेंट्रल जाने वाली बेस्ट बस क्रमांक 351-एम एच 01, एल एच 6251 और 5102 /सीएन के चालक पर आईपीसी की धारा 279,338 और 304 (च) के तहत चेंबूर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

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