मुंबई। वाशीनाका के अंजुमन जमातुल मुस्लिमीन कमेटी द्वारा मोहर्रम के मौके पर दस दिनों का वास किया गया। मोहर्रम की पहली तारीख से पहलाम के दिन तक मौलाना अंजार अहमद नजमी ने इमाम हसन व इमाम हुसैन की दास्तान को इस्लाम का हवाला देते हुए पेश किया। यहां के लोगों को इस्लाम की बारीकियों से रूबरू कराया।
मिली जानकारी के अनुसार वाशीनाका स्थित इस्लामपुरा के सुन्नी जामा मस्जिद द्वारा आयोजित ‘कर्बला के शहीदों की दास्तान’ पर वास (मजलीस) में मौलाना अंजार अहमद नजमी ने तफसील से बयान किया। कुल दस दिनों तक चले मजलीस में हजारों लोगों ने उनकी तकरीर से इबरत हासिल की। इतना ही नहीं मौलाना नजमी के तकरीर को गौर से सुना व उन पर अमल करने का इरादा भी कर लिया।
बिहार, मधुबनी से तशरीफ लाए मौलाना नजमी ने आसान जुबान में अपनी तकरीर बयान किया। इस आयोजन को सफल बनाने में इस्लामपुरा के सुन्नी जामा मस्जिद के सदर सैय्यद महबूब, नायब सदर नूर मोहम्मद मोकाशी, जनरल सेक्रेटरी सैय्यद आसिफ जमाल, समीर शरीफ, व इमाम मौलाना फखरूल हसन और मौलाना शौकत अली ने अहम भूमिका निभाई।
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