मुंबई। विधान भवन का घेराव करने महाराष्ट्र के लगभग 50 हजार किसान मुंबई पहुंचे। नासिक से शुरु हुए इस आंदोलन में पहले केवल 12 से 15 हजार किसान शामिल हुए थे, लेकिन मुंबई पहुंचते-पहुंचते इनकी संख्या करीब 50 हजार से ज्यादा हो गयी। कर्जमाफी और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग को लेकर मुंबई में डटे किसानों को महाराष्ट्र सरकार मनाने में जुटी है। जिसके चलते मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार दोपहर विधानसभा में किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। करीब तीन घंटे तक चली बैठक के बाद सरकार ने मांगों पर लिखित भरोसा देने की बात कही है।
बता दें कि कर्जमाफी और फसलों के उचित मूल्य सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ये किसान आज महाराष्ट्र विधानसभा घेरने की तैयारी में थे। लेफ्ट से जुड़े ऑल इंडिया किसान सभा (एआईकेएस) की अगुवाई में करीब 50 हजार किसानों का जत्था नासिक से छह दिनों तक पैदल चल कर रविवार को 180 किलोमीटर दूर मुंबई पहुंचा था। नाराज किसानों ने आज विधानसभा का घेराव करने का ऐलान किया था, लेकिन फडणवीस सरकार के लिखित आश्वासन देने पर किसानों ने आंदोलन वापस लेने का भरोसा दिया है।
सिंचाई मंत्री गिरीश महाजन ने मुलाकात को सकारात्मक बताते हुए किसानों की सभी मांगों पर चर्चा किए जाने की बात कही। उन्होंने बताया, ‘उनकी करीब 12-13 मांगें थीं जिनमें से कुछ हमने मांग ली हैं और उन पर हम लिखित ड्राफ्ट देंगे। मुझे लगता है कि वे हमारे फैसले से संतुष्ट हैं।’ साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा अगले 6 महीने में किसानों के मुद्दे सुलझा लेंगे। किसानों को वापस नासिक भेजने के लिए रेलवे दो स्पेशल ट्रेन चलाएगी।
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