मुंबई। बृहन्मुंबई नगर निगम (मनपा) ने शहर के कई खुले इलाकों में कूड़ेदानों से फैलने वाली दुर्गंध से निजात पाने के लिए इन्हें (कूड़ेदान को) उन गड्ढों में स्थापित करने का फैसला किया है, जिनकी खुदाई विशेष रूप से इसी मकसद से की जाएगी। जानकारी के मुताबिक, इन कूड़ेदानों में एक सेंसर लगाया जाएगा, जिससे निगम कर्मियों को इनके भर जाने की जानकारी मिलेगी। पायलट परियोजना के तहत इसे दक्षिण मुंबई के अलग-अलग इलाकों में स्थापति किया जाएगा। मनपा के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विभाग ने चार कूड़ेदान स्थापित करने के लिए सोमवार को निविदा निकाली।
मनपा के एक अधिकारी ने कहा कि इस योजना के पहले चरण के साल अंत तक पूरा होने की उम्मीद है और इसकी सफलता के आधार पर ही इसे राजधानी के अन्य हिस्सों में स्थापित किया जाएगा। अधिकारी ने कहा, ‘खुले में स्थापित कूड़ेदान पूरे इलाके में दुर्गंध फैलाते हैं। ये देखने में भी बुरे लगते हैं। ये भूमिगत कूड़ेदान उन स्वास्थ्य समस्याओं को भी कम करेंगे जो खुले में रखे कूड़ेदान के भर जाने के बाद फैलती हैं।’
इसके कार्य करने के तरीके पर बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘गड्ढों की खुदाई की जाएगी और इन कूडे़दानों को उनमें लगाया जाएगा। लोग उनमें कूड़ा डाल पाएंगे और जब ये भर जाएंगे तो उनमें लगा सेंसर उसको साफ करने के लिए कार्यरत बीएमसी कर्मी को सतर्क कर देगा। कूड़ेदान को फिर वहां से हटाकर लैंडफिल में भेज दिया जाएगा।’
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