मुंबई। नये सामान खरीदने के लिए अत्यंत शुभ माने जाने वाला धनतेरस पर महंगाई और मंदी की मार का असर साफ दिखा। खरीददारी के इस पर्व पर ‘जोर-दार धंधे’ की उम्मीद पाले बैठे व्यापारियों में निराशा देखने को मिली।
भारतीय संस्कृति में मुहूर्त और पर्वों पर की जाने वाली खरीददारी, व्यापारियों के लिए हमेशा उम्मीद की किरण लिए रहती है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से जारी मंदी और मंहगाई के चलते इस साल इसकी चमक फीकी रही। इस वर्ष धनतेरस पर बिना भद्रा के दिन भर खरीददारी मुहूर्त था, फिर भी ग्राहक मात्र खानापूर्ति और शुभता के लिए ही बाजारों में दिखे।
त्यौहार से पहले और आज भी सोने की कीमत 32 हजार के आस पास ही रही। इसके चलते भी भारी आभूषणों से लोग दूर दिखे। ज्यादातर लोगों ने औपचारिकता बस हल्के आभूषणों को खरीदने में तरजीह दी। इसके अलावा चांदी और सोने के सिक्के लेने में उत्साह दिखाया।
358 total views, 1 views today