डॉ. सी जी गिडवानी मार्ग पर और होगी तोड़क कार्रवाई
मुंबई। वर्षों से ट्रैफिक जाम की समस्याओं से जूझ रहे चेंबूर कैंप के लोगों को अब थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। क्योंकि हाल ही में मनपा संरक्षण व अतिक्रमण विभाग के अधिकारियों ने डॉ. सी जी गिडवानी मार्ग का दौरा कर पर अतिक्रमित दुकानों की सीमा रेखा तय की है। इस सीमा रेखा से रोड की तरफ निकली दुकानों पर मनपा का हथौड़ा चल सकता है। ऐसे में मनपा द्वारा तोड़क कार्रवाई में तोड़ने व उसके मलबा को फेंकने का चार्ज भी वसूलने की बात सामने आई है। हालांकि इसके लिए अभी तक कोई भी आधिकारिक नोटिस जारी नहीं हुआ है।
मनपा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार करीब चार दशक से चेंबूर के डॉ. सी जी गिडवानी मार्ग का विस्तारीकरण का मामला खटाई में पड़ा है। इस मार्ग पर लगभग हर समय ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है। ट्रैफिक जाम से परेशान स्थानीय लोगों के अलावा राहगीर भी बेहाल हैं। इस अतिक्रमण की भेंट चढ़े इस मार्ग पर छोटी वाहानों से अधिक भारी वाहनों की आवाजाही है। ट्रैफिक जाम से परेशान विभिन्न समाजसेवकों के अलावा स्थानीय लोगों की सैकड़ों शिकायतों पर कार्रवाई के उद्देश्य से मनपा संरक्षण व अतिक्रमण विभाग के अधिकारियों ने डॉ. सी जी गिडवानी मार्ग का मुआयना किया।
इस दौरान अधिकारियों ने रोड के दूसरे स्लैब से लम-सम एक सीमा रेखा खींची है। इस सीमा रेखा से बाहर की दुकानों को ध्वस्त करने की चेतावनी भी दी है। चश्मदीदों के अनुसार डॉ. सी जी गिडवानी मार्ग के व्यवसायी खुद उक्त सीमा रेखा तक अपनी दुकानों को समेटने में लगे हैं। वरना मनपा द्वारा तोड़क कार्रवाई किया गया तो उसका फीस भी भरना पड़ेगा।
गौरतलब है कि मनपा के मेंटेनेंस व अतिक्रमण विभाग के अधिकारियों द्वारा अभी तक कोई भी आधिकारिक नोटिस नहीं दिया गया है। मनपा सूत्रों की माने तो विभागीय अधिकारियों द्वारा खींची गई सीमा रेखा तो महज व्यवसायियों को जगाना था। दरअसल रोड के दूसरे स्लैब से उक्त सीमा रेखा के आगे करीब एक मीटर यानी सवा तीन फीट और भी तोड़ना पड़ सकता है। क्योंकि इसी रोड पर टैक्सी स्टैंड भी है। ऐसे में ग्राहकों की वाहन व टैक्सी चालकों द्वारा अव्यवस्थित वाहनों को खड़ी करने के कारण रोड जाम रहता है।
सूत्रों बताते हैं कि अधिकांश समय ट्रैफिक जाम की समस्या को खत्म करने के लिए आधिकारिक रूप से नोटिस जारी कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। चूंकि पहले इस मार्ग की शिकायतों पर कार्रवाई करने में कई बाधाएं आ रही थी। लेकिन अब खुद व्यवसायियों द्वारा अपनी- अपनी दुकानों को समेटा जा रहा है। ऐसे में मनपा द्वारा कार्रवाई करना आसान होगा।
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