यात्रियों के लिए अब से होलोग्राम वाला “रेलनीर”

मुंबई। यात्रियों को दूषित पानी से बचाने के लिए रेलवे ने ‘रेलनीर’ की बोतल पर होलोग्राम वाला सील लगाना शुरू कर दिया है। ऐसे में अब यात्री रेलनीर खरीदने से पहले होलोग्राम वाला सील जरूर देखें। इसके अलावा सील पर बारकोड भी लगाया गया है। बारकोड को स्कैन कर यात्री रेलनीर की बोतल कितनी पुरानी है, और सही में रेलवे की है या नहीं इसका पता लगा सकते हैं।

गर्मी के कारण इन दिनों मुंबई के उपनगरीय रेलवे स्टेशनों पर रेल नीर की डिमांड अधिक बढ़ गई है। नार्मल सीजन में उपनगरीय स्टेशनों पर रोजाना 9300 बॉक्स (एक बॉक्स में 12 बोतल) रेल नीर की खपत होती है। परंतु गर्मी के कारण इन दिनों रोजाना 13 हजार रेलनीर की खपत पर हो रही है।

आईआरसीटीसी के प्रवक्ता पिनाकिन मोरावाला का कहना है कि अंबरनाथ में रेलवे का रेलनीर प्लांट है यहां पर तैयार होने वाली रेलनीर की बोतल पहले उपनगरीय स्टेशन और मेल एक्सप्रेस ट्रेनों में भेजी जाती है, लेकिन अधिक मांग के कारण हम रेलनीर की बोतल केवल उपनगरीय स्टेशनों पर ही मुहैया करा रहे हैं।

पिनाकिन ने बताया कि गर्मी के सीजन में इस्तेमाल की गई बोतल में कुछ पानी माफिया दूषित पानी भरकर यात्रियों को ठगते हैं। ऐसे में हम अब रेलनीर की बोतल के ढक्कन पर होलोग्राम वाला सील लगा रहे है, ताकि असली और नकली रेलनीर की पहचान हो सके।

 618 total views,  1 views today

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *