मुंबई। महानगर मुंबई में रोज झमाझम बारिश हो रही है, लेकिन मॉनसून का यह पानी मुंबई को पूरे साल जल की आपूर्ति करने वाली झीलों में नहीं जा रहा है। इस सीजन में अब तक मुंबई में करीब 42 प्रतिशत वर्षा हो चुकी है, लेकिन झीलें फिर भी खाली हैं। उनमें महज 22 प्रतिशत ही पानी जमा हुआ है। जून बीतने के बाद अब सारी उम्मीदें जुलाई में होने वाली बरसात पर टिकी है।
3 जुलाई तक कोलाबा में 943 एमएम और सांताक्रुज में 1,044 एमएम बारिश दर्ज की गई। पिछले 10 साल का औसत देखें, तो बारिश के पूरे मौसम में कोलाबा में 2,184 एमएम और सांताक्रुज में 2,453 एमएम बारिश दर्ज की गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘कुछ साल पहले भी ऐसा हुआ था, जब शहर में अधिक बारिश होने के बावजूद झीलों के इलाकों में बारिश बहुत कम हुई थी। इस बार भी वैसी ही स्थिति बन रही है, लेकिन अभी मॉनसून का दौर बाकी है। अगर उन इलाकों में अच्छी बारिश हुई, तो मुंबई की चिंता कम हो सकती है।’
एक अधिकारी ने बताया, ‘झीलों के इलाकों में बादल पूरी तरह से बन नहीं पा रहे हैं, जिससे वहां कम बारिश है। झीलों में 4 जुलाई को सुबह तक 22.48 प्रतिशत पानी जमा हुआ है। यह सामान्य आपूर्ति के लिहाज से करीब 3 महीनों के लिए पर्याप्त होगा। पिछले साल की तुलना में यह करीब 20 प्रतिशत कम है। तब 3 जुलाई तक झीलों में 43 प्रतिशत पानी था। हालांकि 2016 के 15 प्रतिशत के लिहाज से स्थिति बेहतर है। मनपा ने अक्टूबर को जल भंडार के आधार पर पानी कटौती के संदर्भ में फैसला लेती है। दो साल पहले पानी कम जमा होने पर मनपा ने शुरू से ही कटौती कर दी थी। इससे गर्मियों में महानगर को भीषण जल संकट से नहीं जूझना पड़ा था, जबकि आसपास के शहरों में उस दौरान पानी की भयंकर किल्लत हुई थी।
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