मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने अपने विद्यालयों एवं कनिष्ठ महाविद्यालयों को 7 नवंबर को विद्यार्थी दिवस मनाने का निर्देश दिया है। डॉ. बी आर अंबेडकर ने 117 साल पहले सन् 1900 में सात नवंबर को स्कूली शिक्षा में कदम रखा था। राज्य स्कूली शिक्षा और खेलकूद विभाग द्वारा 27 अक्तूबर को इस संबंध में जारी सरकारी अधिसूचना में स्कूल में इन दलित चिंतक के दाखिले को नये युग का सूत्रपात बताया गया है।
इसका कारण डॉ. अंबेडकर द्वारा राष्ट्र को दिया गया संविधान बताया गया है जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे को महत्व देता है। अधिसूचना में कहा गया है, अतएव विद्यालयों में डॉ बी आर अंबेडकर का दाखिला एक ऐतिहासिक अवसर है। यह एक ऐसी घटना थी जिसने हमारे इतिहास की दिशा बदल दी।
डॉ. अंबेडकर जीवनपर्यंत विद्यार्थी थे और जिंदगी भर सीखने के प्रति उनकी रचि बनी रही। इसके मुताबिक डॉ. अंबेडकर ने सन् 1900 में सात नवंबर के दिन महाराष्ट्र में सतारा जिले के प्रताप सिंह हाईस्कूल में दाखिला लिया था। इस विद्यालय में उनके दाखिले से संबंधित दस्तावेज अब भी सुरक्षित हैं।
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