साभार/ मुंबई। महानगरी मुंबई में अब आपको सड़कों पर पहले से ज्यादा काली-पीली टैक्सियां दिखेंगी। अब टैक्सियों के परमिट पर कोई प्रतिबंधन नहीं होगा। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने अर्बन मोबिलीटी को ध्यान में रखते हुए टैक्सी पॉलिसी बनाने के लिए एक कमिटी बनाई थी। इस कमिटी ने दिसंबर में राज्य सरकार से इसकी सिफारिश की थी, जिसके बाद सरकार परमिट से प्रतिबंध हटाने पर विचार कर रही है।
सूत्रों के अनुसार सरकार टैक्सी और ऑटारिक्शा के परमिट देने पर 20 साल से लगा प्रतिबंध जल्द हटा सकती है। मुंबई में फिलहाल 1.15 लाख टैक्सी और टूरिस्ट कैब और 1.39 लाख ऑटोरिक्शा हैं।
अडिशनल ट्रांसपोर्ट कमिश्नर सतीश सहस्रबुद्धे ने बताया कि कई मौजूदा परमिट रद्द किए गए थे और जिन्हें मृत परमिट के रूप में माना जाता था। सहस्रबुद्धे ने बताया कि इन्हें पुनर्जीवित किया गया है और एक पारदर्शी लॉटरी प्रणाली के माध्यम से उन्हें जारी कर दिया है ताकि यह तय किया जा सके कि सड़क पर और अधिक ऑटो और टैक्सी हों।
1998 से एक भी नया परमिट शुरू नहीं किया गया है। टैक्सी यूनियनों ने सरकार के परमिट की सीमा से प्रतिबंधन हटाने और जरूरत के मुताबकि नए परमिट जारी करने के फैसले को सही ठहराया है।
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