चेंबूर के सिंधी सोसायटी में अनोखा घरेलू गणोशोत्सव
मुश्ताक खान/मुंबई। हर साल की तरह इस वर्ष भी स्व. ओम प्रकाश गर्ग परिवार के सदस्यों ने काफी उत्साहपूर्वक गणपति बप्पा की प्रतिमा स्थापित कर गणेश चतुर्थी के दिन आरती के बाद पूजा अर्चना की। करीब 6 दशक से स्व. ओम् प्रकाश के पांचों पुत्र व दोनों पुत्रियां पिता के सपनों को साकार करने के लिए गणोशोत्सव के अलावा अन्य त्योहारों में भी चेंबूर के सिंधी सोसायटी में स्थित बड़े भाई के घर इकट्ठा होते हैं। करीब 15 दर्जन सदस्यों वाले शिक्षित परिवार में किसी ब्राह्मण को बुलाने के बजाय ये लोग खुद ही मंत्रोच्चारण व अन्य विधियों को पारंपरिक तरीके से अंजाम देते हैं।
पारिवारिक सदस्य विजय ओम् प्रकाश गर्ग ने बाताया कि मेरे पिता आस्था के पुजारी थे। उन्होंने 1957 में अपने घर में ही भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर पूजा अर्चना करना शुरू कर दिया। उन्होंने मेरे सभी भाई और बहनों को पढ़ा लिखाकर शिक्षित और योग्य बना दिया। ताकि हम सभी स्वरोजगार रहे व आस्था से जुड़े रहे। उनकी इच्छा थी की जिस परंपरा को हमने शुरू किया है, उसे मेरी आने वाली पीढ़ियां चलाती रहे। पिता की इच्छा और हम सभी भाई बहनों ने एकता में अनेकता का मिसाल बना लिया।
मेरे छोटे भाइयों में सतीश ओम् प्रकाश गर्ग, हेमंत गर्ग, अनिल गर्ग, सुनील गर्ग और बहनें रेनु नरेश गुप्ता (मधु) और अनिता केशव मित्तल (पप्पू) ने पिता के सपनों को साकार करते आ रहे हैं। वहीं अनिल गर्ग ने बताया की हम सभी भाई और बहनों के परिवार में करीब 60 से 65 सदस्य हैं, जो हर त्योहारों में चेंबूर के सिंधी सोसायटी में स्थित अपने बड़े भाई के घर पर इकट्ठा होकर पर्व मनाते हैं। उन्होंने कहा की हमारी चौथी नई पीढ़ियां भी मेरे पिता की राह पर चल पड़े हैं। इस बात का हमें गर्व है।
हमारी नई पीढ़ियों में सबसे छोटा अर्णव अमित विजय गर्ग आर ऋषि संदीप सतीश गर्ग है। हमारे सभी बच्चे यहां के त्योहारों के जश्न में शामिल होते हैं। मेरे पिता के इस परंपरा की कड़ी को आगे बढ़ाने में सभी का योगदान रहता है। एक सवाल के जवाब में हेमंत गर्ग ने बताया कि निजी आवास में हम सभी गणेशोत्सव मनाते हैं, इसके बावजूद यहां प्रतिदिन सैकड़ो गणेश भक्त श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
यहां हम सभी को आदर से प्रसाद आदि का वितरण भी करते हैं। वहीं सुनिल गर्ग ने कहा कि मेरे आवासीय गणोशोत्सव में हमारे परिवार के लोग ही आरती के दौरान खुद ही मंत्रोच्चारण व अन्य विधियों को पारंपरिक रूप से पूरा कराते हैं। अंत में सतीश गर्ग ने बताया कि हम लोगों का घरेलू गणेशोत्सव पूरे ग्यारह दिनों तक चलता है और इसका विर्सजन जुहू चौपाटी में ही किया जाता है।
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