मुंबई। दिवाली से ठीक पहले ठाणे मनपा के अग्निशमन विभाग की तरफ से पटाखा व्यवसायियों को अनुमति न मिलने से जोरदार झटका लगा है। तो वहीं, नवी मुंबई के व्यापारियों को पटाखा बेचने की अनुमति मनपा से मिल गई है। जिसके कारण विक्रेताओं में कहीं खुशी तो कहीं मायूसी है।
बता दें कि दिवाली में पटाखों की दुकानें सजने लगती हैं, लेकिन इस बार ठाणे के पटाखा व्यापारियों के लिए दिवाली फीकी साबित हो रही है। दिवाली के अवसर पर प्रति वर्ष व्यवसाय कर थोड़े समय में अतिरिक्त कमाई करने वाले ऐसे स्टॉल धारकों में इस बार मायूसी बनी हुई है। मनपा की तरफ से अभी तक अनुमति न दिए जाने से उनके व्यवसाय पर संकट बन गया है।
बता दें कि ठाणे शहर में करीब ढाई से तीन सौ लोग दिवाली के अवसर पर पटाखा स्टॉल लगाते हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस बार मनपा की तरफ से स्टॉल धारकों को अनुमति नहीं दी गई है। ठाणे मनपा की तरफ से इससे पहले फुटपाथ पर पटाखा बेचने पर पाबंदी लगाई हुई है और खुले मैदान में पटाखा का स्टॉल लगाने की अनुमति दी जाती है। पिछले साल ढाई सौ स्टॉल की अनुमति मनपा के अग्निशमन विभाग की तरफ से दी गई थी।
पता हो की ठाणे शहर के कोपरी में पटाखों का थोक बाजार है। बड़े पैमाने पर पटाखों का व्यापार दिवाली के दौरान यहां होता है। मनपा की तरफ से स्टॉल धारकों को अनुमति न दिए जाने से थोक पटाखा व्यापारियों पर भी विपरीत असर पड़ा है। न्यायालय द्वारा पटाखों पर लगाई गई पाबंदी का हवाला देकर अभी तक किसी को अनुमति नहीं दी गई है। जिसके चलते तमाम छोटे व्यवसायियों में असंतोष बन गया है।
नवी मुंबई महानगरपालिका ने अपने प्रशासनिक क्षेत्र में पटाखा विक्रेताओं को अनुमति देने का निर्णय लिया है। पिछले करीब दो सप्ताह से इस संदर्भ में कोई भी निर्णय न लिए जाने से शहर के पटाखा विक्रेताओं में बेचैनी बढ़ गई थी। इस समय देश में ‘फीफा जूनियर फुटबॉल विश्वकप भारत 2017’ प्रतियोगिता चल रही है।
बता दें कि इस जूनियर विश्वकप से जुड़े कुल 8 मैच नवी मुंबई के नेरुल स्थित डॉ. डी.वाई. पाटील स्टेडियम में खेले जा रहे हैं। प्रतियोगिता के दौरान ही दिवाली पड़ रही है, इसलिए महानगर में पटाखों के फोड़ने पर वायु प्रदूषण होने की आशंका उत्पन्न हो गई थी।
पटाखों से वायु प्रदूषण होने की आशंका के चलते नवी मुंबई मनपा प्रशासन ने महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल से स्पष्टीकरण मांगा था। प्रतियोगिता के दौरान शहर में वायु प्रदूषण फैलाने वाली कई कंपनियों से या तो उनके उत्पादन को बंद रखने को कहा था या उनसे अपनी कंपनियों के वायु प्रदूषण को नियंत्रित रखने को कहा गया था।
हालांकि महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा पटाखों के स्टॉल से वायु के अत्यधिक प्रदूषित होने की संभावना बहुत कम होने की बात बताई गई। इस जानकारी के मिलने से नवी मुंबई मनपा प्रशासन ने अब पटाखों के स्टॉल लगाने की अनुमति देने की बात कही है। वहीं, मनपा आयुक्त ने शहरवासियों से आग्रह किया है कि वे अतिउत्साह में बहुत अधिक पटाखें न फोड़ें।
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