अदालत के स्टे के बाद भी 60 साल पुरानी चाल पर चलाया बुलडोजर
प्रमुख संवाददाता/ मुंबई। शनिवार को अवकाश के दिन मनपा पी दक्षिण वॉर्ड के अभियंताओं ने मालाड पश्चिम चिंचोली बंदर स्थित 60 साल पुरानी जर्नादन मंगेश चाल पर बुलडोजर चला दिया। इस तोड़क कार्रवाई को लेकर मनपा पी-दक्षिण वॉर्ड के अभियंताओं की मनमानी पर सवाल उठने लगे हैं। इस मामले में पी-दक्षिण वॉर्ड के असिस्टेंट इंजीनियर व डीओ नरवणकर समेत अन्य अधिकारी शक के घेर में हैं।
मालाड पश्चिम विनय इंडस्ट्रियल इस्टेट लिंक रोड के ठीक सामने ग्राउंड प्लस एक मंजिला जर्नादन मंगेश चाल है। चाल के मालिक जर्नादन मंगेश सावंत का कहना है कि 1957 में यह चाली बनाई गई थी, लेकिन मनपा के अभियंता नोटिस देकर मानसिक रूप से उन्हें परेशान कर रहे थे। अभियंताओं की नीयत में खोट को देखते हुए उन्होंने कोर्ट से स्टे ले लिया। इसके बाद भी अभियाताओं ने मनपा के तोड़ू दस्ते के साथ कार्रवाई करते हुए चाल पर बुलडोजर चला दिया।
सावंत ने कहा कि तोड़क कार्रवाई में शामिल अभियंता और अधिकारियों के खिलाफ सोमवार को अदालत की अवमानना की नोटिस दाखिल करेंगे। चाल मालिक जर्नादन सावंत ने बताया कि कोर्ट का स्थगन आदेश देखने के बाद भी अधिकारी अपने रवैये से बाज नहीं आए। इतना ही नहीं, शनिवार 12 जनवरी को अवकाश होने के बावजूद डीओ नरवणकर, जूनियर इंजीनियर परेश शाह, चौधरी व मुकादम कदम व अन्य अधिकारी तोड़क कार्रवाई करने पहुंच गए।
जर्नादन का कहना है कि जब उन्होंने सौ नंबर डायल कर पुलिस को बुलाया तब पी-दक्षिण वॉर्ड के अधिकारी भाग खड़े हुए। इस संबंध में संबंधित पी-दक्षिण वॉर्ड के डीओ नरवणकर से पूछा गया तो उन्होंने यह कहते हुए बात करने से इंकार कर दिया कि उनके पास समय नहीं है। इस संबंध में डीएमसी किरण आचरेकर से भी जानकारी मांगी गई थी। लेकिन समाचार लिखे जाने तक उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
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