मुंबई। मनपा की आय का मुख्य स्रोत रहे ऑक्ट्राय वसूली में भी गड़बड़ी सामने आ रही है। सालों से एक्सपोर्ट के नाम पर ऑक्ट्राय छूट का फायदा उठाने वालों से करोड़ों रुपये का बकाया वसूला ही नहीं गया है। आंतरिक जांच रिपोर्ट में इस तरह की गड़बड़ी का खुलासा हुआ है।
गौरतलब है कि विदेशों से सामान आने पर फिर उसे तय समय में बाहर भेजना पड़ता है। यह सुविधा केवल 100 रुपये चुकाकर एन फॉर्म के सहारे मिल जाती है। लेकिन सामान बाहर भेजने पर उसकी जानकारी देनी होती है। यदि ऐसा नहीं हुआ तो इसके मुंबई में खपत की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
आंतरिक रिपोर्ट के मुताबिक, इस तरह के 1.02 लाख मामलों में 668 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया आना बाकी है। ऑक्ट्राय विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सिस्टम से तय समय में कागज जमा नहीं करने पर ऑक्ट्राय का बिल खुद ही जनरेट हो जाता है। यह भी हो सकता है कि हमारे पास कुछ मामलों में पेपर आ गए हों और अपडेट में दिक्कत आ रही हो। मनपा नेता प्रतिपक्ष रवि राजा का कहना है कि इसमें कई बड़े अधिकारी शामिल हो सकते हैं। पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच ऐंटी करप्शन ब्यूरो से कराई जानी चाहिए।
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