1 साल में सैकड़ों हादसे, दर्जनों की मौत
मुंबई। अतिक्रमणकारियों से वाशीनाकी की तंग सड़को को मुक्त कराने में मनपा एम पश्चिम के तोड़ू दस्ते को बड़ी कामयाबी मिली है। करीब तीन दशकों से आर सी मार्ग पर स्थित मनीष विजय सोसायटी की सुरक्षा दीवार से सटे मंझले दर्जे के गटर के ऊपर अतिक्रमण कर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने अपना जनसंपर्क कार्यालय बनाया था। इस गटर के ऊपर जितने भी कार्यालय व दुकानें बनी थी, उन सभी पर मनपा ने बुलडोजर चला कर ध्वस्त कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार वाशीनाका में गटर के ऊपर अतिक्रमण कर बनी पार्टी कार्यालय, दुकान और मकान को भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच मनपा एम पश्चिम के तोड़ू दस्ते ने बुलडोजर चला कर ध्वस्त कर दिया है। करीब तीन दशक में दर्जनों नोटिस देने के बाद तोड़क कार्रवाई कर मनपा ने अतिक्रमणकारियों से गटर को मुक्त कराया है। बता दें कि मनीष विजय सोसायटी की शिकायतों पर अतिक्रमणकारियों को नोटिस दिया जाता था। जिसका कोई असर न होता देख मनपा ने दल बल के साथ सोमवार को बुलडोजर चला दिया।
गौरतलब है कि चेंबूर, वाशीनाका के आर सी मार्ग पर स्थित मनीष विजय सोसायटी की सुरक्षा दीवार से सटे मंझले दर्जे के गटर के ऊपर अतिक्रमण कर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने अपना जनसंपर्क कार्यालय बनाया था। इसके अलावा स्थानीय दबंगों द्वारा पार्टी के नाम पर दुकान बना कर किराये पर चला रहे थे। जिसे मनपा के तोड़ू दस्ते ने ध्वस्त कर दिया। तोड़क कार्रवाई में भाजपा का जनसंपर्क कार्यालय, कांग्रेस का जनसंपर्क कार्यालय, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का कार्यालय, मनपा का बीट ऑफिस, आरपीआई कार्यालय और जनहित कांग्रेस पार्टी के कार्यालयों को मनपा के अधिकारियों के इशारे पर तोड़ू दस्ते ने पूरी तरह से साफ कर दिया।
उल्लेखनीय है कि गटर के ऊपर अतिक्रमण के कारण यहां अवैध पार्किंग भी होती थी। इसके अलावा चाईनीज की दुकान, कपड़े की दुकान, फल विक्रेता और कंप्यूटर सेंटर चलाया जा रहा था। जिसके कारण आरसी मार्ग के नुतनीकरण में बाधाएं आती थी। वाशीनाका का यह इलाका इंडस्ट्रीयल जोन के नाम से जाना जाता है। संकरा रास्ता होने के कारण यहां हमेशा ट्रैफिक जाम की समस्याओं से लोगों को दो -चार होना पड़ता था। आरसी मार्ग पर स्थित वाशीनाका की तंग सड़कों के कारण यहां दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ा है। वर्ष 2018 में एक सप्ताह में अलग-अलग तीन घटनाओं में 3 युवकों की मौत हो गई थी। इस तरह कुल एक वर्ष में इस मार्ग पर सैकड़ों हादसे हुए जिसमें दर्जनों की मौत हो चुकी है।
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