साभार/ मुंबई। महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर पाठ्यक्रम में बदलाव किए जाने की मांग की गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता अजित पवार ने विधानसभा में मांग रखी है कि पहली से लेकर 10वीं कक्षा तक मराठी विषय अनिवार्य किया जाए। उनका कहना है कि 1 जून से शुरू होने वाले शैक्षणिक सत्र से इसे लागू किया जाए। इसके अलावा राज ठाकरे की पार्टी एमएनएस ने ‘मराठी दिवस’ पर शहर में जगह-जगह बोर्ड लगाए हैं।
इनमें हस्ताक्षर करके मराठी होने का गर्व व्यक्त किया जा सकेगा। राज्य में मराठी भाषा को लेकर गर्व महसूस करने से पहले सोमवार को राज्य विधान मंडल के बजट सत्र के पहले ही दिन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को मराठी अनुवाद के उपलब्ध न होने के लिए विपक्ष और राज्य की जनता से माफी मांगनी पड़ी थी। बता दें, इससे पहले विधानसभा में भी मराठी के अपमान के मुद्दे पर हंगामा हुआ था। विधानसभा की कार्यवाही भी 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी थी।
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