संवाददाता/ मुंबई। नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) को लेकर जहां एक ओर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जनजागरूकता अभियान शुरू किया है, वहीं कांग्रेस भी घर-घर जाकर इसके खिलाफ कैंपेन की तैयारी में जुट गई है। कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं को घर-घर भेजकर नागरिकता संशोधन कानून (CAA) तथा राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NRC) से जुड़े पेंफलेट बांटेगी। इन पेंफलेट्स से कांग्रेस जनता को विस्तार से यह बताने की कोशिश करेगी कि सीएए और एनआरसी किस तरह से ‘असंवैधानिक और भेदभावपूर्ण’ है। इसके लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को ‘सरकार की नागरिकता नीतियों के बुरे प्रभाव’ पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षित किया जा रहा है।
शुक्रवार को पार्टी ने इसी क्रम में अपना पहला ट्रेनिंग सेशन आयोजित किया। इस सेशन में वकील मिहिर देसाई, ऐक्टिविस्ट फिरोज मिथिबोरवाला, वर्षा विद्या विलास, सलीम अल्वारे, एमए खालिद, बॉम्बे कैथोलिक सभा के डॉल्फिन डिसूजा, अखिल भारतीय परिवार के अमोल और जतिन देसाई शामिल रहे। इन सभी ने सीएए और एनआरसी के तकनीकी और कानूनी पहलुओं के अलावा भारतीय नागरिकों पर कानून के संभावित प्रभावों के बारे में नेताओं और पदाधिकारियों को संबोधित किया।
शहर कांग्रेस कमिटी के प्रमुख एकनाथ गायकवाड़ ने कहा कि लोगों को नए कानून के बारे में विस्तार से बताने के लिए पार्टी जल्द ही एक अभियान शुरू करेगी। शहर कांग्रेस के एक पदाधिकारी भूषण पाटिल ने कहा, ‘जागरूकता अभियान में ब्लॉक-स्तरीय बैठकें और डोर-टू-डोर कैंपेन चलाया जाएगा।’ आपको बता दें कि सीएए के विरोध में कांग्रेस और एनसीपी ने अन्य दलों के साथ मिलकर ‘हम भारत के लोग’ नामक फ्रंट का गठन किया था। इस फ्रंट के बैनर तले पिछले महीने अगस्त क्रांति मैदान में एक विशाल प्रदर्शन भी किया गया था।
पाटिल ने कहा, ‘सीएए और एनआरसी के बारे में बहुत गलत जानकारी है। वास्तव में, यह भेदभावपूर्ण है और इसने देश को विभाजित किया है। यह भारत के संविधान पर हमला है। इन मुद्दों को इन ट्रेनिंग सेशन्स में विस्तार से समझाया जाएगा और फिर हमारे पदाधिकारी और कार्यकर्ता इसके बारे में जागरूकता फैलाएंगे।’ पाटिल ने कहा कि आगामी 24 जनवरी को परेल के कामगर मैदान में सीएए के खिलाफ अगली रैली आयोजित की जाएगी।
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