देवेंद्र फडणवीस ने किया कामिल-ए-इमान का विमोचन
मुंबई। चेंबूर के फाइन आर्ट में द सूफी मखमली पीर सम्मेलन का भव्य आयोजन राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हाजी अरफात शेख द्वारा आयोजित किया गया। इस आयोजन में बतौर मुख्य अतिथि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और जनाब यूनुस अली शाह कादरी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मुख्य उद्देश्य अमन शांति का पैगाम देना था। इस मौके पर कामिल-ए-इमान नामक पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
द सूफी मखमली पीर सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यदि हर किसी का एक साथ विकास होता है, तो देश की प्रगति होगी। इसीलिए सभी के विकास की अवधारणा को ध्यान में रख कर हम हर जाति और धर्म के लोगों को साथ लेकर राज्य का विकास कर रहे हैं। चेंबूर के द फाइन आर्ट सांस्कृतिक केंद्र में हुए इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के हाथों हजरत सूफी मखमल पीर की कामिल-ए- इमान नामक पुस्तक की हिंदी संस्करण का विमोचन किया गया।
इस अवसर पर हजरत सूफी मखमल पीर (यूनुस अली शाह कादरी), सांसद अमर साबले, विधायक आशीष शेलार, प्रसाद लाड, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हाजी अरफात शेख, पुलिस महानिरीक्षक कैसर खालिद, साहिल अग्रवाल, अनिल ठाकुर, राहुल वालंज, डॉ. शम्मी खान सहित सम्मेलन में बड़ी संख्या में सूफी संत और दूसरे गणमान्य मौजूद थे।
महाराष्ट्र आने वाले सभी सूफी संतो का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र में वारकरी समुदाय निःस्वार्थ देवताओं और पिता तुल्य लोगों की सेवा करते हैं। उसी तरह सूफी परंपरा में इंसान को आपस में जोड़ने का काम किया जाता है। यह परंपरा प्यार और मानवता का संदेश देती है। देश के हर समाज में लोगों को गरीबी से मुक्त कराने और उनको बेहतर शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ लोगों के बेहतर जीवन देने की कोशिश राज्य सरकार कर रही है। इसके लिए यह जरूरी है कि सब लोग एक साथ आएं और देश के विकास में हाथ बंटाए।
अपने भगवान को जीवंत रखकर, अपने हाथ से अच्छे कार्य करें और अपने समाज को अच्छे मार्ग पर ले जाएं। इस अवसर पर जे. पी अग्रवाल, किशोर सैनी, अजय अग्रवाल और प्रवीण आखाडे ने मुख्यमंत्री को गणपति बप्पा का मूर्ति भेंट की। वहीं भाजपा के जिलाध्यक्ष अनिल ठाकुर ने केरल के बाढ़ ग्रस्त लोगों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को मध्य दक्षिण मुंबई की ओर से 3 लाख 51 हजार का चेक दिया गया। इस अवसर पर माहिम दरगाह के सदर सुहैल खंडवानी के अलावा बड़ी संख्या में गणमान्य मौजूद थे।
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